प्रदेश में 33 हजार से अधिक मामलों का निपटारा
जौनपुर। आरटीआई मामलों में पारदर्शिता और समयबद्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। यदि कोई अधिकारी जानबूझकर गलत या अधूरी जानकारी देता है, तो उसके खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने के लिए ब्लॉक और ग्राम स्तर पर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। साथ ही कार्यशालाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उक्त बातें प्रदेश के राज्य सूचना आयुक्त वीरेंद्र सिंह ‘वत्स’ ने शनिवार को डाक बंगले में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पत्रकारों से कहीं।
राज्य सूचना आयुक्त ने ऑनलाइन आरटीआई पोर्टल को और मजबूत बनाने पर जोर दिया और कहा कि सूचना मांगने वाले नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है।
सूचना का अधिकार (RTI) अब केवल जानकारी पाने का साधन नहीं, बल्कि आम जनता की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। यह बात राज्य सूचना आयुक्त वीरेंद्र सिंह वत्स ने जौनपुर दौरे के दौरान कही।
उन्होंने आरटीआई मामलों की समीक्षा करते हुए बताया कि जनपद में पिछले दो वर्षों में कुल 1,244 मामले दर्ज हुए, जिनमें से 927 का निस्तारण किया जा चुका है।
प्रदेश स्तर पर भी स्थिति में सुधार आया है। आयुक्त के अनुसार, उत्तर प्रदेश में कुल 54,401 मामलों में से 33,181 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि 21,578 मामले अभी लंबित हैं।












