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घर से फोन पर क्यों नहीं हो पा रही बात? TRAI चेयरमैन ने समस्या और समाधान बता दिया

इन दिनों घरों और इमारतों के अंदर खराब नेटवर्क की समस्या से लोगों को जूझना पड़ रहा है। लोग परेशान है कि यह समस्या क्यों हो रही है? अब भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के चेयरमैन एके लाहोटी ने इसकी वजह बताई है। उन्होंने यह भी बताया कि इससे कैसे निपटा जाए। उन्होंने बताया कि अब निर्माण प्लानिंग में डिजिटल संपर्क ढांचे को शामिल करना जरूरी हो गया है, क्योंकि मोबाइल डेटा का इस्तेमाल और उसकी गति तेजी से बढ़ने के बावजूद लोग घरों और इमारतों के अंदर नेटवर्क की समस्या का सामना कर रहे हैं।

‘सीओएआई डिजिकॉम समिट 2026’ में पहुंचे ट्राई चेयरमैन एके लाहोटी का कहना है कि डेटा की बढ़ती मांग को सिर्फ मोबाइल नेटवर्क से पूरा नहीं किया जा सकता है। खासकर एआई के बढ़ते इस्तेमाल के दौर में। इस वजह से नियामक ढांचा एवं नीतियां स्थिर ब्रॉडबैंड नेटवर्क के विस्तार को बढ़ावा दे रही हैं, ताकि उपभोक्ताओं की आवश्यकताओं को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सके।

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उनका कहना है कि इमारतों के भीतर नेटवर्क की समस्या बड़ी चुनौती बन रही है। घरों के अंदर खराब सिग्नल की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। ऐसे में अब भवन निर्माण में डिजिटल संपर्क ढांचे को अनिवार्य रूप से शामिल करना जरूरी बन गया है। सरकार ने ट्राई की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है।

तो ऐसे सरकार सुधारेगी मोबाइल नेटवर्क

ट्राई चेयरमैन ने कहा कि सरकार से टेलीकॉम कंपनियों को अतिरिक्त स्पेक्ट्रम उपलब्ध कराने की सिफारिश भी की है। इसमें 37 से 40 गीगाहर्ट्ज बैंड और 600 मेगाहर्ट्ज बैंड को शामिल किया गया है। 600 मेगाहर्ट्ज बैंड में भेजे जाने वाले सिग्नल घरों के भीतर मोबाइल नेटवर्क को बेहतर बनाने में सहायता करेंगे।

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इमारतों की रेटिंग करेगा ट्राई

चेयरमैन एके लाहोटी ने आगे बतयाा कि डिजिटल संपर्क गुणवत्ता के आधार पर इमारतों की रेटिंग की जाएगी। इससे घरों और व्यावसायिक इमारतों में सिग्नल की गुणवत्ता बेहतर होगी। बता दें कि ट्राई ने अक्टूबर 2024 में आवासीय और व्यावसायिक भवनों को डिजिटल संपर्क की गुणवत्ता के आधार पर ‘रेटिंग’ के नियम बनाए थे। रेटिंग का काम ट्राई से अधिकृत एजेंसी करेगी।

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