नानपारा के ग्रामीण क्षेत्रों में भीषण गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। रात में तीन से चार घंटे तक बिजली गुल रहने से ग्रामीणों का जीवन प्रभावित हो रहा है। नानपारा के बंजारन टांडा से जुड़े ग्राम माघी, सरैयां, बंजरिया और महोली सहित दर्जनों गांवों में यह समस्या आम हो गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रतिदिन रात 10 बजे के बाद बिजली काट दी जाती है, जो लगातार तीन से चार घंटे तक गुल रहती है। इस भीषण गर्मी में जब पंखे और कूलर भी राहत नहीं दे पा रहे हैं, तब बिजली कटौती से घरों में हाहाकार मच जाता है। बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं इससे सबसे अधिक प्रभावित हैं। मच्छरों के प्रकोप के कारण लोग रातभर जागने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिनभर की तपती धूप के बाद रात में कुछ सुकून की उम्मीद रहती है, लेकिन विद्युत विभाग की लापरवाही इस उम्मीद पर पानी फेर रही है। कई ग्रामीणों ने बताया कि बिजली कटौती की कोई पूर्व सूचना नहीं दी जाती, जिससे उपभोक्ता असहाय महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब सरकार निर्बाध विद्युत आपूर्ति के बड़े-बड़े दावे कर रही है, तो फिर ग्रामीण अंचलों के साथ ऐसा सौतेला व्यवहार क्यों? उपभोक्ताओं ने विद्युत विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि रात्रिकालीन अघोषित कटौती पर तत्काल रोक लगाई जाए और भीषण गर्मी को देखते हुए गांवों में सुचारु बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। रामसेवक, कामता प्रसाद, सहरयार खान, आरिफ खान, अहद खान, विजयकुमार कल्लू सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि यदि शीघ्र ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती:भीषण गर्मी में रातभर 3-4 घंटे अंधेरे में ग्रामीण
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