HomeHealth & Fitnessअंबिकापुर अग्निकांड: मुकेश अग्रवाल व प्रवीण अग्रवाल पर एफआईआर, 55 घंटे बाद...

अंबिकापुर अग्निकांड: मुकेश अग्रवाल व प्रवीण अग्रवाल पर एफआईआर, 55 घंटे बाद भी सुलगती रही आग

अंबिकापुर। अंबिकापुर में प्लास्टिक-पटाखा गोदाम में लगी भीषण आग के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संचालक मुकेश अग्रवाल और उनके करीबी प्रवीण अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। आग की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 55 घंटे बाद भी इमारत के भीतर धधकती आग पूरी तरह शांत नहीं हुई।

कोतवाली थाना क्षेत्र में दर्ज इस मामले में शिकायतकर्ता प्रफुल्ल पांडेय हैं, जिनका घर भी आगजनी की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया। उनकी रिपोर्ट पर पुलिस ने मुकेश अग्रवाल और प्रवीण अग्रवाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 125, 270 और 287 के तहत अपराध दर्ज किया है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दोनों आरोपित मिलकर व्यवसाय संचालित कर रहे थे और उन्होंने बड़ी मात्रा में पटाखों का भंडारण किया हुआ था। आग लगने के बाद इन्हीं पटाखों में हुए तेज विस्फोटों से आसपास का इलाका दहल उठा और कई मकानों को नुकसान पहुंचा।

प्रफुल्ल पांडेय के अनुसार, आग में उनके घर का इंटीरियर पूरी तरह जल गया और दीवारों में दरारें आ गईं। उन्होंने इसे आरोपितों की लापरवाही का परिणाम बताया है, जिससे आसपास के कई परिवार प्रभावित हुए।

घटना गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे राम मंदिर के सामने स्थित गली में हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इमारत की ऊपरी मंजिल में लिफ्ट लगाने के दौरान गैस वेल्डिंग से निकली चिंगारी प्लास्टिक और थर्मोकोल में लगी, जिससे आग तेजी से फैल गई।

कुछ ही देर में आग ने निचली मंजिलों को भी अपनी चपेट में ले लिया। गोदाम में रखे प्लास्टिक और पटाखों के बड़े स्टॉक के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।

दरिमा एयरपोर्ट, अडानी माइंस और एसईसीएल विश्रामपुर की फायर ब्रिगेड टीमों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इसके बावजूद अंदरूनी हिस्सों में 55 घंटे बाद तक आग सुलगती रही।

इस हादसे में आसपास के छह घर भी प्रभावित हुए हैं। वहीं तीन मंजिला इमारत पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर केवल दो कॉलम के सहारे खड़ी है, जिससे किसी भी समय और बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने एसडीएम, सीएसपी और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की संयुक्त टीम गठित की है, जो पूरे घटनाक्रम की जांच कर सात दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इस घटना को लेकर सियासत भी गरमा गई है।

कांग्रेस ने जहां पहले ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की थी, वहीं अब मंत्री राजेश अग्रवाल के बयान पर सवाल उठाए हैं कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने आरोप लगाया है कि मंत्री ने यह कहकर कि गोदाम में पटाखे नहीं थे, वास्तविक स्थिति को छिपाने की कोशिश की है।

उन्होंने दावा किया कि घटना के दौरान कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें बड़े पैमाने पर पटाखों के विस्फोट स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। फिलहाल, पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच पूरे मामले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

 

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments