HomeHealth & Fitnessलैंड पूलिंग योजना पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक, भूमि मालिकों से जमीन...

लैंड पूलिंग योजना पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक, भूमि मालिकों से जमीन का कब्जा नहीं ले जेडीए

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने शहर की टोंक रोड व डिग्गी मालपुरा रोड के किसानों व भूमि मालिकों को राहत देते हुए जेडीए की 18 जनवरी 2024 की अधिसूचना के तहत की जाने वाली लैंड पूलिंग योजना पर अंतरिम रोक लगा दी है।

वहीं कहा है कि इस योजना के जरिए जेडीए 15 फरवरी 2024 के प्रकाशन के तहत टोंक रोड पर शिवदासपुरा, चंदलाई बरखेड़ा और डिग्गी मालपुरा रोड पर गांव अचरावाला, जयसिंहपुरा उर्फ तेजावाला और अभयपुरा में किसी जमीन का कब्जा भी नहीं ले।

एक्टिंग सीजे संजीव प्रकाश शर्मा व जस्टिस शुभा मेहता की खंडपीठ ने यह निर्देश काना राम व अन्य स्थानीय किसानों व भूमि मालिकों की याचिका पर दिया।

खंडपीठ ने कहा कि उपरोक्त अधिनियम और उसके तहत बनाई गई योजना, ‘भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित मुआवज़े और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013’ के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है।

वहीं राज्य सरकार के अधिनियम में भूमि अधिग्रहण की नई विधि के परिणामस्वरूप, भूमि मालिकों और किसानों की संपत्तियां बिना किसी मुआवज़े के ही उनसे छीन ली जाएंगी। खंडपीठ ने जेडीए को पाबंद किया कि आगामी तारीख तक भूमि मालिकों से वह जमीन का कब्जा नहीं ले।

साथ ही मामले में जेडीए को जवाब की छूट देते हुए आगामी सुनवाई 27 मई को रखी है। याचिका में अधिवक्ता पल्लवी मेहता ने बताया कि राज्य सरकार की राजस्थान लैंड पूलिंग स्कीम अधिनियम, 2016 के तहत जेडीए को व्यापक अधिकार दिए गए हैं।

इससे बिना पारंपरिक भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया अपनाए ही जेडीए द्वारा भूमि पर नियंत्रण किया जा सकता है। इस अधिनियम के तहत सड़क, पार्क, आवासीय और व्यावसायिक उपयोग के लिए भूमि का पुनर्विन्यास किया जा सकता है।

ऐसे में लैंड पूलिंग योजना में उनकी जमीन आने से उनके अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। इसलिए इन इलाकों में जेडीए की लैंड पूलिंग योजना की क्रियांविति पर रोक लगाई जाए।

 

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments