सिद्धार्थनगर के खेसरहा विकासखंड की ग्राम पंचायत बेलवनवा में लाखों रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक शौचालय बदहाल स्थिति में है। केयरटेकर को मानदेय का भुगतान न होने के कारण इसकी साफ-सफाई ठप पड़ गई है, जिससे ग्रामीणों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, शौचालय के रखरखाव और साफ-सफाई के लिए आजीविका मिशन के तहत एक केयरटेकर नियुक्त किया गया था। चांदनी आदर्श आजीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी केयरटेकर अनीता देवी ने बताया कि कई महीनों तक काम करने के बावजूद उन्हें मानदेय का भुगतान नहीं किया गया। मानदेय न मिलने के कारण अनीता देवी ने काम बंद कर दिया है। उनके काम बंद करने के बाद से शौचालय की साफ-सफाई पूरी तरह रुक गई है और परिसर में चारों ओर गंदगी व कचरा जमा हो गया है। ग्रामीणों ने शौचालय की मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। जितेंद्र ने बताया कि गंदगी और बदबू के कारण शौचालय का उपयोग करना मुश्किल हो गया है। बबलू ने कहा कि सरकार ने सुविधा के लिए शौचालय बनवाया था, लेकिन देखरेख के अभाव में यह अनुपयोगी साबित हो रहा है। अटल ने इस स्थिति को स्वच्छता अभियान की विफलता बताया और कहा कि यदि केयरटेकर को समय पर भुगतान होता तो यह समस्या नहीं आती। संजय ने शौचालय के आसपास गंदगी और कचरे के फैलाव पर चिंता जताते हुए बीमारियों के खतरे की आशंका व्यक्त की। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि चंद्रभूषण पांडे ने बताया कि केयरटेकर को केवल दो महीने का मानदेय मिला था, जिसके बाद से भुगतान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जब किसी को उसका पारिश्रमिक नहीं मिलेगा, तो वह कार्य कैसे करेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि केयरटेकर का बकाया मानदेय जल्द से जल्द जारी किया जाए और सामुदायिक शौचालय की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीण इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
सिद्धार्थनगर के बेलवनवा में सामुदायिक शौचालय बदहाल:केयरटेकर को मानदेय न मिलने से सफाई ठप, ग्रामीण परेशान
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