जनपद में डीजल और पेट्रोल की कमी को लेकर प्रशासन के दावे बेअसर साबित हो रहे हैं। गुरुवार सुबह से ही शहर के पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जहां उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार के बाद ही ईंधन मिल पा रहा है। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पेट्रोल बिक्री की मात्रा सीमित कर दी और पंपों पर पुलिस बल तैनात किया। कस्बे के दो पेट्रोल पंपों पर डीजल-पेट्रोल पूरी तरह खत्म हो चुका है, जबकि एक अन्य पेट्रोल पंप पर केवल एक ही टंकी से ईंधन दिया जा रहा है। नगर के इंडियन पेट्रोल पंप आलोक ट्रेडिंग कंपनी और अगनुपुरवा तिराहे स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर सुबह से ही लंबी कतारें देखी गईं। वहीं, विनोद ट्रेडिंग कंपनी और शिवपुर रोड के पेट्रोल पंप पर ईंधन न होने के कारण उपभोक्ता निराश होकर लौट रहे हैं। भीड़ और अफवाहों को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने मोटरसाइकिल के लिए 200 रुपये और चार पहिया वाहनों के लिए 2000 रुपये तक के पेट्रोल की सीमा तय कर दी है। इसके अतिरिक्त, डिब्बे या बोतलों में पेट्रोल देने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है, ताकि लोग अनावश्यक रूप से तेल का भंडारण न करें। जिला पूर्ति अधिकारी के अनुसार, पंपों पर पर्याप्त मात्रा में डीजल और पेट्रोल उपलब्ध है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी आवश्यकता के अनुसार ही तेल खरीदें और पंप द्वारा निर्धारित मात्रा के अनुसार ही अपनी गाड़ियों में ईंधन डलवाएं। वहीं, प्रभारी निरीक्षक राजनाथ सिंह ने लाउडस्पीकर के माध्यम से जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक भीड़ लगाने या अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पेट्रोल पंपों पर घंटों लाइन में लगे उपभोक्ता:डीजल-पेट्रोल की कमी, प्रशासन के दावे बेअसर
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