HomeHealth & Fitnessसंघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री के ऊर्जा संरक्षण बयान का किया स्वागत

संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री के ऊर्जा संरक्षण बयान का किया स्वागत

लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के केन्द्रीय पदाधिकारियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मौजूदा बिजली संकट के दौरान आम जनता से बिजली संरक्षण और अनावश्यक बिजली खर्च से बचने की अपील का स्वागत किया है। संघर्ष समिति ने कहा है कि मुख्यमंत्री ने समयानुकूल और अत्यंत महत्वपूर्ण संदेश दिया है। संघर्ष समिति भी प्रदेश के समस्त उपभोक्ताओं से बिजली संरक्षण एवं संयमित उपयोग की अपील करती है, ताकि भीषण गर्मी के इस दौर में सभी उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

संघर्ष समिति ने कहा कि बिजली कर्मियों की पहली प्राथमिकता हमेशा आम जनता को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना रही है। प्रदेश भर के बिजली कर्मी कठिन परिस्थितियों, भीषण गर्मी और भारी कार्यभार के बीच दिन-रात कार्य कर रहे हैं।

संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री जी से प्रभावी हस्तक्षेप की अपील करते हुए कहा कि निजीकरण के विरोध में सरकार का ध्यानाकर्षण करने हेतु शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे बिजली कर्मियों पर की गई उत्पीड़नात्मक एवं अनुशासनात्मक कार्यवाहियां तत्काल वापस ली जाएं। साथ ही मार्च 2023 के आंदोलन के उपरांत ऊर्जा मंत्री एवं संघर्ष समिति के मध्य हुए समझौते के अनुरूप हटाए गए अत्यंत अल्प वेतनभोगी संविदा कर्मियों को पुनः कार्य पर वापस लिया जाए।

संघर्ष समिति ने यह भी कहा कि राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के कई जनपदों में “वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग” के नाम पर जो अव्यवस्था उत्पन्न की गई है, उससे विद्युत व्यवस्था प्रभावित हुई है। बड़ी संख्या में संविदा कर्मियों को हटाए जाने के कारण फॉल्ट सुधार कार्यों में गंभीर कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं। भीषण गर्मी के इस दौर में बिजली कर्मियों की भारी कमी के बावजूद कर्मचारी लगातार कार्य कर रहे हैं तथा अनेक कर्मचारी हादसों में जान तक गंवा रहे हैं।

संघर्ष समिति ने कहा कि बिजली कर्मियों के अथक परिश्रम के कारण प्रदेश ने विद्युत आपूर्ति के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।  24 मई 2026 की रात्रि 10:29 बजे प्रदेश में 31,824 मेगावाट विद्युत आपूर्ति कर पिछले वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ा गया। इसी प्रकार 22 मई 2026 को रिकॉर्ड 669 मिलियन यूनिट (66 करोड़ 90 लाख यूनिट) तथा 24 मई 2026 को 664 मिलियन यूनिट (66 करोड़ 40 लाख यूनिट) बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित कर नया इतिहास बनाया गया। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष अधिकतम 65 करोड़ 59 लाख यूनिट बिजली आपूर्ति का रिकॉर्ड था।

संघर्ष समिति ने आशा व्यक्त की कि मुख्यमंत्री बिजली कर्मियों की समस्याओं एवं उनके योगदान को गंभीरता से लेते हुए सभी उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां समाप्त कराने तथा कर्मचारियों को विश्वास में लेकर प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु आवश्यक निर्देश प्रदान करेंगे।

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