पयागपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत पिपरा पदार्थ में इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। यह कार्य न्याय पंचायत भवन से सिमरियावा बॉर्डर तक कराया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में मानक विहीन पीली ईंटों का प्रयोग किया जा रहा है। इससे सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। निर्माण स्थल पर केवल दो मजदूर काम करते पाए गए, जबकि कागजों में लगभग 40 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज है। ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा योजना के तहत मजदूरों की फर्जी उपस्थिति दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने संबंधित सेक्रेटरी और जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अधिकारियों की मिलीभगत से मानकों को नजरअंदाज कर कार्य कराया जा रहा है, जबकि अधिकारी इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी अजय प्रताप सिंह से बात की गई। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
पिपरा पदार्थ में इंटरलॉकिंग कार्य में भ्रष्टाचार का आरोप:मानक विहीन पीली ईंटों और घटिया सामग्री का उपयोग
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