स्वास्थ्य विभाग ने 29 अप्रैल 2026 को कसेहरा ईंट भट्ठे पर हैंड हेल्ड एक्स-रे कैंप का आयोजन किया। इस कैंप का मुख्य उद्देश्य टीबी जैसे गंभीर रोगों की समय पर पहचान कर मरीजों को उचित उपचार उपलब्ध कराना था। कैंप में एलटी हरिवंश मिश्रा, एक्स-रे टेक्नीशियन गिरजाशंकर तिवारी, वार्ड बॉय रामू और सीएचओ ज्योति वर्मा की टीम मौजूद रही। टीम ने श्रमिकों और स्थानीय निवासियों की जांच की और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी प्रदान की। इस दौरान कुल 25 लोगों का एक्स-रे किया गया। जांच के बाद दो व्यक्तियों में टीबी के संदिग्ध लक्षण पाए गए, जिसके बाद उन्हें आगे की विस्तृत जांच और उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खेसरहा रेफर कर दिया गया। स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि ऐसे कैंपों का प्राथमिक लक्ष्य टीबी के संभावित मरीजों की शीघ्र पहचान कर उन्हें समय पर उपचार देना है, जिससे बीमारी के प्रसार को रोका जा सके। उन्होंने लोगों को खांसी, बुखार और वजन कम होने जैसे लक्षणों के प्रति जागरूक किया और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल जांच कराने की सलाह दी। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना की, उनका कहना था कि ऐसे कैंपों से मजदूर वर्ग को काफी सुविधा मिलती है, क्योंकि उन्हें इलाज के लिए दूर अस्पताल नहीं जाना पड़ता। स्वास्थ्य विभाग के इस अभियान से क्षेत्र में टीबी उन्मूलन की दिशा में सकारात्मक प्रगति देखी जा रही है।
कसेहरा ईंट भट्ठे पर एक्स-रे कैंप, 25 की जांच:दो संदिग्ध टीबी मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर किया गया
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