बहराइच जिले में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण का कवरेज अपेक्षा से कम रहने पर स्वास्थ्य विभाग ने एक विशेष रणनीति लागू की है। महिलाओं को भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी के निर्देश पर यह पहल की गई है। सभी सीएचसी अधीक्षकों को पात्र बालिकाओं की पहचान करने, परिवारों से संवाद स्थापित करने, सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने और नियमित विशेष सत्रों के माध्यम से टीकाकरण कवरेज बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने जनपद में 14 वर्ष की पात्र बालिकाओं की सूची तैयार कर ली है। इसमें वे बालिकाएं शामिल हैं जिन्होंने अपना 14वां जन्मदिन पूरा कर लिया है लेकिन अभी 15 वर्ष की नहीं हुई हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, इन बालिकाओं की संख्या जनपद की कुल आबादी का लगभग एक प्रतिशत है। इस सर्वे कार्य में आशा कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को भी सक्रिय रूप से जोड़ा गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण एचपीवी संक्रमण है। समय पर लगाया गया एचपीवी टीका इस गंभीर बीमारी से बचाव का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि जिले की कोई भी पात्र बालिका इस सुरक्षा कवच से वंचित न रहे और सभी को समय पर टीकाकरण का लाभ मिले। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एस.के. सिंह ने जानकारी दी कि प्रत्येक माह के तीसरे शुक्रवार को जिले के सभी उपकेंद्रों पर विशेष एचपीवी टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों से पहले परिवारों को जागरूक किया जाएगा तथा प्रत्येक आशा कार्यकर्ता को कम से कम पांच पात्र बालिकाओं का टीकाकरण सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
सर्वाइकल कैंसर से बचाव को विशेष अभियान:स्वास्थ्य विभाग ने टीकाकरण कवरेज बढ़ाने की रणनीति बनाई
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!











