श्रावस्ती जिले के इकौना क्षेत्र में डिब्बे या जरिकेन में पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस सख्त प्रशासनिक आदेश से किसानों और आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे सिंचाई कार्य प्रभावित हो रहा है। पेट्रोल पंप खुलने से पहले ही बड़ी संख्या में किसान डिब्बे और बाइक लेकर पहुंच गए। पंपों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल की तैनाती में तेल का वितरण किया जा रहा है। प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए डिब्बे और जरिकेन में ईंधन न देने के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। हालांकि, इस आदेश से सबसे अधिक समस्या किसानों को हो रही है। किसानों का कहना है कि खेतों में लगे पंपिंग सेट तक सीधे वाहन ले जाना संभव नहीं होता। ऐसे में डिब्बे में तेल ले जाना ही उनके लिए एकमात्र विकल्प होता है। किसानों ने आरोप लगाया है कि डिब्बे में ईंधन न मिलने के कारण सिंचाई कार्य बाधित हो रहा है, जिससे फसलों के प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। एक किसान ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि यह स्थिति बनी रही तो खेती-किसानी ठप हो सकती है। प्रीतम जायसवाल, राजू गोपाल यादव और राम भवन जैसे स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से किसानों की जरूरतों पर ध्यान देने की अपील की है। स्थानीय लोगों और किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का कोई वैकल्पिक समाधान निकाला जाए, जिससे सुरक्षा भी सुनिश्चित हो और किसानों को भी परेशानी का सामना न करना पड़े।
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