बहराइच के मोतीपुर थाना क्षेत्र के दौलतपुर निवासी राकेश ने पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके परिवार के 17 सदस्यों को एक फर्जी मुकदमे में फंसाया गया है, जिनमें से चार लोगों को बिना उचित जांच के जेल भेज दिया गया है। राकेश के अनुसार, उनके परिवार का पक्का मकान जला दिया गया था। इसके बावजूद, राजनीतिक दबाव और पक्षपातपूर्ण कार्रवाई के चलते उनके ही परिवार के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया गया। यह मामला अपराध संख्या 134/2026 से संबंधित है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि मामले की विवेचना में वास्तविकता की अनदेखी की गई और निर्दोष लोगों को फंसाया गया। उन्होंने बताया कि धारा 326(j) को छोड़कर अधिकांश धाराएं सामान्य प्रकृति की हैं, फिर भी पूरे परिवार को परेशान किया जा रहा है। प्रार्थी ने मामले की जांच किसी निष्पक्ष अधिकारी या स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर कार्रवाई हो। इस बीच, एंटी करप्शन टीम के इंस्पेक्टर धनंजय ने बताया है कि इस मामले से जुड़े चौकी इंचार्ज सुरेश चंद्र गिरी को 10,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया है। यह जानकारी मामले में कथित पक्षपात के आरोपों को और बल देती है। पूर्व में थाना प्रभारी मोतीपुर आनंद चौरसिया ने जांच का आश्वासन देते हुए कहा था कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बहराइच: 17 लोगों पर फर्जी केस का आरोप:पीड़ित परिवार ने एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग की
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