काठमांडू। नेपाल की सरकारी विमान सेवा नेपाल एयरलाइंस ने अपने नेटवर्क मैप में जम्मू-कश्मीर को गलत तरीके से पाकिस्तान का हिस्सा दिखाने के मामले में गुरुवार को आधिकारिक रूप से माफी मांगी। एयरलाइन ने इस गलती को अनजाने में हुई त्रुटि बताते हुए खेद व्यक्त किया और आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी चूक नहीं दोहराई जाएगी।
दरअसल, एयरलाइन ने एक दिन पहले अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक नेटवर्क मैप साझा किया था, जिसमें जम्मू-कश्मीर की गलत स्थिति दर्शाई गई थी। मैप वायरल होते ही सोशल मीडिया पर इसकी तीखी आलोचना शुरू हो गई। इसके बाद एयरलाइन ने तुरंत पोस्ट हटा लिया और स्पष्टीकरण जारी किया।
एयरलाइन ने कहा कि यह गलती मानचित्र चयन के दौरान हुई तकनीकी चूक के कारण हुई। प्रवक्ता अर्चना खड़का के अनुसार, मैप तैयार करते समय गूगल मैप का उपयोग किया गया, जिसमें पहले से मौजूद त्रुटि को ही अनजाने में इस्तेमाल कर लिया गया। उन्होंने बताया कि गलती का पता चलते ही 2-3 घंटे के भीतर पोस्ट हटा दी गई और आंतरिक समीक्षा शुरू कर दी गई है।
नेपाल एयरलाइंस ने अपने बयान में कहा कि यह त्रुटि न तो नेपाल सरकार और न ही एयरलाइन के आधिकारिक रुख को दशार्ती है। कंपनी ने यह भी दोहराया कि वह अपने पड़ोसी देशों के साथ मजबूत संबंधों को महत्व देती है और इस घटना से हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त करती है।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब भारत और नेपाल के बीच द्विपक्षीय संबंध मजबूत बने हुए हैं। दोनों देशों के रिश्ते 1950 की शांति और मित्रता संधि पर आधारित हैं, जिसमें खुली सीमाएं, आर्थिक सहयोग और सांस्कृतिक जुड़ाव शामिल हैं। भारत, नेपाल का प्रमुख विकास साझेदार है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने नेपाल को 107.8 मिलियन डॉलर की सहायता दी, जिससे वह सबसे बड़ा द्विपक्षीय दाता बना।
वर्तमान में भारत की मदद से नेपाल में कई विकास परियोजनाएं चल रही हैं। हालिया घटनाक्रम के बीच दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्क भी जारी हैं, जिससे स्पष्ट है कि इस विवाद का व्यापक द्विपक्षीय संबंधों पर कोई बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं है।












