गाजियाबाद। 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को लेकर सियासी बहस अब जमीन पर उतर आई है। गाजियाबाद में महिला कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पोस्टकार्ड अभियान के जरिए अपना गुस्सा खुलकर जाहिर किया।
प्रताप विहार कांशीराम योजना और विजय नगर पोस्ट ऑफिस पर जुटीं महिलाओं ने प्रधानमंत्री के नाम सैकड़ों पोस्टकार्ड भेजकर पूछा-‘महिलाओं को उनका हक आखिर कब मिलेगा?’अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अल्का लांबा और प्रदेश अध्यक्ष (पश्चिमी जोन) भारती त्यागी के आह्वान पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई जिलाध्यक्ष डाॅली त्यागी ने की। बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी ने इस अभियान को एक सशक्त जनआंदोलन का रूप दे दिया।
डाॅली त्यागी ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा,’2023 में महिला आरक्षण बिल पास कर सरकार ने वाहवाही जरूर बटोरी, लेकिन जब उसे लागू करने की बारी आई तो चुप्पी साध ली गई। यह महिलाओं के साथ सीधा विश्वासघात है।’ उन्होंने स्पष्ट मांग रखी कि लोकसभा की 543 सीटों में 33 प्रतिशत आरक्षण तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। साथ ही चेताया कि यदि इस आरक्षण में ओबीसी वर्ग की महिलाओं को शामिल नहीं किया गया, तो यह व्यवस्था न केवल अधूरी बल्कि सामाजिक न्याय के खिलाफ भी होगी।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं का आक्रोश केवल आरक्षण तक सीमित नहीं रहा। मंच से बढ़ते महिला अपराध, बदहाल सड़कों और चरमराते सीवर सिस्टम को लेकर भी सरकार को घेरा गया। ‘महिलाएं असुरक्षित हैं, शहर की बुनियादी सुविधाएं ध्वस्त हैं, लेकिन सरकार के पास जवाब नहीं,’ डाॅली त्यागी ने कहा कि महिला कांग्रेस ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि जल्द महिला आरक्षण लागू नहीं किया गया, तो यह आंदोलन और व्यापक व उग्र रूप लेगा। इस मौके पर गीता, आएशा, परवीन, जन्नत, सानिया, राजवती, बीना, नूरजहां, रूबीना और गुड्डी सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने एकजुट होकर सरकार को संदेश दिया-‘अब वादों से नहीं, अधिकारों से बात होगी।’












