मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश में लगाए जा रहे स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटरों को लेकर अब जनप्रतिनिधियों ने भी खुलकर नाराज़गी जतानी शुरू कर दी है।
मुरादाबाद की बिलारी विधानसभा से सपा विधायक फहीम इरफान, मुरादाबाद देहात विधानसभा से विधायक हाजी नासिर कुरैशी, बिजनौर जनपद की नजीबाबाद विधानसभा क्षेत्र के विधायक तसलीम अहमद, नगीना विधायक मनोज पारस ने उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग को पत्र देकर इन मीटरों को पोस्टपेड में बदलने की मांग की है।
सपा विधायकों ने पत्र में कहा कि पूरे प्रदेश में लाखों घरों में लगाए गए स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं।
उनके अनुसार, मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं की औसत मासिक बिजली खपत 100.21 यूनिट बढ़कर 219.15 यूनिट तक पहुंच गई है, जो लगभग 84 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। इससे आम लोगों को अधिक बिजली बिल का भुगतान करना पड़ रहा है।
विधायकाें ने यह भी आरोप लगाया कि कई मामलों में उपभोक्ताओं द्वारा रिचार्ज करने के बावजूद 2-3 दिन तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पा रही है, जिससे भीषण गर्मी में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इसके अलावा अग्रिम भुगतान और यूनिट गणना में भी गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिन्हें स्थानीय विद्युत विभाग के अधिकारी भी ठीक नहीं कर पा रहे हैं।
तसलीम अहमद ने बढ़ती महंगाई का हवाला देते हुए कहा कि इन मीटरों की वजह से गरीब परिवारों और किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि जनहित को देखते हुए स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड मीटर में परिवर्तित करने के निर्देश जारी किए जाएं, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।
इस मांग का समर्थन विधायक हाजी नासिर कुरैशी, मनोज पारस, रफीक अंसारी और मोहम्मद फहीम इरफान ने भी किया है।











