Homeदेश (National)25 जवानों की मौत, 46 घायल; चाड आर्मी के लिए काल बना...

25 जवानों की मौत, 46 घायल; चाड आर्मी के लिए काल बना बोको हरम, रात में किया हमला

मध्य अफ्रीकी देश चाड में सोमवार की रात एक बार फिर आतंक का खूनी मंजर देखने को मिला। संदिग्ध आतंकी संगठन ‘बोको हरम’ के आतंकियों ने लेक चाड इलाके में स्थित ‘बरका टोलोरोम’ सैन्य ठिकाने पर अचानक हमला बोल दिया। इस हमले में कम से कम 25 सैनिकों के शहीद होने की पुष्टि हुई है, वहीं 46 और लोगों के घायल होने की खबर आई है। यह इलाका लंबे समय से आतंकी गतिविधियों का केंद्र रहा है।

मंगलवार को चाड के सैन्य और प्रशासनिक अधिकारियों ने इस हमले की जानकारी शेयर की। न्यूज एजेंसी AFP में छपे सेना के सूत्रों के अनुसार, हमले में 25 सैनिक मारे गए और 46 घायल हुए हैं, जबकि क्षेत्रीय प्रशासन ने 24 सैनिकों की मौत और कई के घायल होने की बात कही है। अधिकारियों ने साफ तौर पर इस हमले के लिए बोको हरम को जिम्मेदार ठहराया है और दावा किया है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।

यह भी पढ़ें: जिन खालिस्तानियों को पाल रहा था कनाडा, उन्हें देश के लिए खतरा क्यों मानने लगा?

लेक चाड क्षेत्र बना आतंक का गढ़

लेक चाड का इलाका चाड, कैमरून, नाइजर और नाइजीरिया इन चार देशों की सीमाओं को जोड़ता है। यहां फैले छोटे-छोटे द्वीप और दलदली जमीन बोको हरम जैसे आतंकी संगठनों के लिए छिपने की सुरक्षित जगह बन जाते हैं। आतंकी इन्हीं मुश्किल और दूर-दराज के ठिकानों से सेना पर हमलों की साजिश रचते हैं। पिछले कुछ महीनों में इन संगठनों की गतिविधियां फिर से बढ़ने लगी हैं, जिससे इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता भी काफी बढ़ गई है।

राष्ट्रपति ने जताया शोक

चाड के राष्ट्रपति महामत इद्रिस देबी इतनो ने इस हमले को ‘कायरतापूर्ण’ बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। उन्होंने शहीद सैनिकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और सेना का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि इस खतरे के पूरी तरह खात्मे तक लड़ाई जारी रहेगी। राष्ट्रपति ने संकल्प लिया कि वह नए जोश और दृढ़ संकल्प के साथ आतंकवाद के खिलाफ अभियान जारी रखेंगे।

यह भी पढ़ें: कैलाश मानसरोवर यात्रा पर टकराएंगे भारत-नेपाल? तनाव की वजहें समझिए

पहले भी हो चुके हैं बड़े हमले

यह पहली बार नहीं है जब चाड की सेना को इतने बड़े नुकसान का सामना करना पड़ा है। इससे पहले अक्टूबर 2024 में भी बोको हरम ने सेना पर हमला किया था, जिसमें करीब 40 जवान शहीद हुए थे। हालांकि फरवरी 2025 में एक बड़े सैन्य अभियान के बाद सेना ने दावा किया था कि चाड में आतंकियों का कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है लेकिन हालिया हमले और इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रोविंस (ISWAP) जैसी सक्रियता ने इन दावों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments