- कंट्रोल रूम से लिया जा रहा शिकायतकर्ताओं का फीडबैक,सी-श्रेणी (सीएम संदर्भ) के निपटारे में डिफाल्टर शून्य
रामपुर। प्रदेश में जन शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण (आईजीआरएस) के मामले में रामपुर जिले ने अपना डंका बजाते हुए लगातार चौथी बार प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है।शासन की ओर से जारी अप्रैल 2026 की मासिक रैंकिंग में रामपुर ने 140 में से 138 का शानदार स्कोर प्राप्त कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।रैंकिंग में लगा यह चौका पूरी तरह से जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के कड़े निर्देशों और सूक्ष्म मॉनीटरिंग का नतीजा है,जिसने जिले को पूरे सूबे में शिकायतों के निपटारे का रोल मॉडल बना दिया है।
डीएम की अचूक रणनीति से मिली बादशाहत
लगातार चौथी बार पूरे प्रदेश में शीर्ष पर काबिज होना कोई इत्तेफाक नहीं है।यह डीएम के उस कुशल नेतृत्व और सख्त रवैये का परिणाम है,जिसमें फरियादियों की अनदेखी के लिए कोई जगह नहीं है।उनकी स्पष्ट रणनीति है कि हर शिकायत को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए।डीएम की इसी निरंतर मॉनीटरिंग के चलते सभी विभागों में जवाबदेही तय हुई है और जिले ने रैंकिंग में अपनी बादशाहत बरकरार रखी है।
कंट्रोल रूम से क्रॉस चेक,सीएम ऑफिस की भी सीधी नजर
प्रशासन ने सिर्फ कागजी निपटारे पर भरोसा नहीं किया है,बल्कि इसकी जमीनी हकीकत परखने के लिए एक विशेष आईजीआरएस कंट्रोल रूम स्थापित किया है।यहां जैसे ही किसी फरियादी की शिकायत का विभागीय निस्तारण होता है,उसके तुरंत बाद कर्मचारी फोन मिलाकर शिकायतकर्ता से बात करते हैं और उसकी संतुष्टि का फीडबैक लेते हैं।उच्चाधिकारियों की इस क्रॉस-चेकिंग के साथ-साथ,रामपुर जिले के इस बेहतरीन प्रदर्शन का सीधा अवलोकन स्वयं मुख्यमंत्री कार्यालय के स्तर से भी किया जा रहा है।
कठिन पैमानों पर शत-प्रतिशत खरा उतरा जिला
आईजीआरएस में लगातार अपनी रैंक बनाए रखना एक बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य था।प्रभारी अधिकारी अनुराग सिंह ने बताया कि शासन द्वारा शिकायतों के निस्तारण के लिए कड़े मानक तय किए गए हैं।इनमें समयबद्ध मार्किंग,डिफाल्टरों की संख्या को शून्य रखना और सबसे अहम सी-श्रेणी (मुख्यमंत्री संदर्भ) की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा शामिल है।रामपुर ने इन सभी कठिन पैमानों पर शत-प्रतिशत सफलता दर्ज की है।वहीं,मुख्य विकास अधिकारी गुलाब चन्द्र ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय प्रशासनिक टीम वर्क,नियमित मॉनीटरिंग और विभागों के आपसी समन्वय को दिया है।
लक्ष्य सिर्फ फाइल बंद करना नहीं,चेहरे पर मुस्कान लाना है
लगातार चौथी बार प्रथम रैंक आने पर जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों और कर्मचारियों की पीठ थपथपाई।उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आमजन की शिकायतों का समयबद्ध और संतोषजनक समाधान ही प्रशासन की पहली और आखिरी प्राथमिकता है।
डीएम ने कहा “मुख्यमंत्री की साफ मंशा है कि कोई भी फरियादी कार्यालय से निराश होकर न लौटे।हमारा लक्ष्य सिर्फ शिकायत की कागजी फाइल को बंद करना नहीं है,बल्कि शिकायतकर्ता को त्वरित न्याय दिलाकर उसके चेहरे पर मुस्कान लाना है।’प्रशासन आगे भी इसी पारदर्शिता के साथ जनसमस्याओं का समाधान सुनिश्चित करेगा।












