बांदा। उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में अलग-अलग थाना क्षेत्रों में 24 घंटे के दौरान आत्महत्या की पांच दर्दनाक घटनाओं ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। कहीं पत्नी से विवाद के बाद युवक ने फांसी लगाई, तो कहीं मोबाइल खरीदने के लिए रुपये न मिलने पर युवक ने जान दे दी।
एक युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या की, जबकि एक साधु और एक अन्य युवक ने भी फंदे पर लटककर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। सभी मामलों में पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पत्नी से विवाद के बाद युवक ने लगाई फांसी
बबेरू कोतवाली क्षेत्र के पवैया गांव निवासी लक्ष्मी रैकवार (45) पुत्र कल्लू रैकवार ने गुरुवार रात कमरे के अंदर छत के छल्ले में रस्सी बांधकर फांसी लगा ली।
शुक्रवार सुबह भतीजी महक चाय देने पहुंची तो शव फंदे पर लटकता मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के छोटे भाई राकेश ने बताया कि लक्ष्मी मजदूरी करता था और शराब पीने का आदी था।
करीब ढाई महीने पहले पत्नी मिथिला उससे विवाद के बाद मायके पन्ना चली गई थी। गुरुवार रात पत्नी से फोन पर कहासुनी होने के बाद उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। मृतक अपने पीछे पत्नी और तीन बेटों को छोड़ गया है।
मां से विवाद के बाद युवक ने खाया जहर
अतर्रा थाना क्षेत्र के भगवत नगर निवासी अजय (25) पुत्र बाबूलाल ने गुरुवार दोपहर सल्फास की गोलियां खा लीं। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
पिता ने बताया कि अजय कार की चाबी मांग रहा था, लेकिन उसकी मां ने चाबी देने से इनकार कर दिया। इसी बात से नाराज होकर वह घर से निकल गया और जहरीला पदार्थ खा लिया। अजय तीन भाइयों में सबसे छोटा था।
30 हजार रुपये न मिलने पर युवक ने दी जान
अतर्रा थाना क्षेत्र के भवानीगंज निवासी प्रमोद उर्फ पिंटू (35) पुत्र अनोखेलाल ने कमरे के अंदर पंखे के हुक में अंगोछा बांधकर फांसी लगा ली। काफी देर तक दरवाजा न खुलने पर पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव बाहर निकाला।
परिजनों के अनुसार पिंटू अपनी दादी कृष्णा से मोबाइल खरीदने के लिए 30 हजार रुपये मांग रहा था। रुपये न मिलने से नाराज होकर उसने आत्महत्या कर ली। पड़ोसी फूफा मोहनलाल ने बताया कि मृतक दो भाइयों में छोटा था और नशे का आदी था। उसकी शादी नहीं हुई थी।
साधु ने शीशम के पेड़ से लटककर दी जान
मर्का कस्बा निवासी अयोध्या प्रसाद (60) पुत्र शिवभवन, जो मुड़िया देव बाबा स्थान में साधु के रूप में रहते थे, ने गुरुवार रात घर के आंगन में लगे शीशम के पेड़ पर रस्सी से फांसी लगा ली।
सुबह परिजनों ने शव फंदे पर लटकता देखा तो कोहराम मच गया। मृतक के पुत्र गंगासागर ने बताया कि उनके पिता करीब ढाई वर्ष से साधु जीवन व्यतीत कर रहे थे और घर आते-जाते रहते थे। आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। मृतक अपने पीछे पत्नी प्रेमा, चार पुत्र और तीन पुत्रियां छोड़ गए हैं।
फोन पर बातचीत के बाद युवक ने उठाया आत्मघाती कदम
अतर्रा थाना क्षेत्र के चिमनीपुरवा मजरा निवासी रोशन वर्मा पुत्र रामलखन वर्मा ने शुक्रवार दोपहर घर के अंदर धन्नी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।
परिजनों ने बताया कि रोशन स्नातक तक शिक्षित था और मजदूरी करता था। उसके पिता और दो बड़े भाई मुम्बई में मजदूरी करते हैं। शुक्रवार सुबह वह रिश्तेदारी से निमंत्रण करके लौटा था।
भाभी के अनुसार घटना से पहले वह किसी से फोन पर बातचीत कर रहा था, जिसके बाद उसने यह कदम उठा लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक की मां तिजनिया का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। इस बारे में अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने बताया कि शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जायेगी।












