बहराइच के जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने उर्वरक निगरानी समिति की बैठक की। इस दौरान उन्होंने उर्वरक वितरण और बिक्री में अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने जिला कृषि अधिकारी को निर्देश दिया कि किसानों को खतौनी की कॉपी देखकर ही उनके खेत के क्षेत्रफल और बोई गई फसल के अनुसार उर्वरक वितरित किया जाए। साथ ही, किसानों से घोषणा पत्र भी भरवाया जाए कि वे प्राप्त उर्वरक का उपयोग केवल अपने खेत में संतुलित मात्रा में करेंगे और कहीं और नहीं बेचेंगे। डीएम ने न्याय पंचायत, ब्लॉक और तहसील स्तर पर नोडल अधिकारियों से सभी उर्वरक बिक्री केंद्रों की जांच कराने को कहा। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उप कृषि निदेशक और कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी को न्याय पंचायत स्तर पर उर्वरक निगरानी समितियों की बैठकें आयोजित कर किसानों को संतुलित मात्रा में उर्वरक के उपयोग के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने एसएसबी की 42वीं और 59वीं बटालियन के असिस्टेंट कमांडेंट, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और कस्टम अधीक्षक रुपईडीहा, नानपारा एवं मिहींपुरवा को भी निर्देश दिए। उन्होंने मिहींपुरवा और नवाबगंज के सीमावर्ती क्षेत्रों में सघन निगरानी रखने और अवांछित गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा। बैठक में संबंधित अधिकारी, पीसीएफ प्रबंधक, इफको क्षेत्रीय अधिकारी और कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक उपस्थित रहे।
उर्वरक वितरण में गड़बड़ी पर डीएम सख्त:बिक्री में अनियमितता मिलने पर होगी कठोर कार्रवाई, बॉर्डर पर निगरानी
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