कानपुर। बिधनू नहर बस हादसे के तीन दिन बाद लापता बस चालक इंद्रपाल सिंह का शव शनिवार को साढ़ थाना क्षेत्र स्थित रामगंगा नहर से बरामद हुआ।
हादसे के बाद चालक के फरार होने की चर्चा चल रही थी, लेकिन तीन दिन बाद नहर से शव मिलने के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। परिवार में कोहराम मचा है, जबकि परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
बीते गुरुवार को मजदूरों से भरी एक निजी बस बिधनू क्षेत्र में अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई थी। हादसे के समय बस में बीस मजदूर सवार थे, जिन्हें स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया था। बस हादसे के बाद से चालक इंद्रपाल सिंह लापता चल रहा था और उसके फरार होने की चर्चा हो रही थी।
शनिवार को साढ़ थाना क्षेत्र स्थित रामगंगा नहर में एक शव उतराता दिखाई देने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाया। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान इंद्रपाल सिंह निवासी हंसपुर नौबस्ता के रूप में की। शव मिलने की खबर के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई।
परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद पुलिस ने चालक की तलाश में गंभीरता नहीं दिखाई। उनका कहना है कि समय रहते सर्च अभियान चलाया जाता तो शायद चालक की जान बच सकती थी। वहीं अब सवाल उठ रहे हैं कि हादसे के बाद चालक नहर तक कैसे पहुंचा और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।
सहायक पुलिस आयुक्त घाटमपुर कृष्णकांत यादव ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हर पहलू पर पड़ताल की जा रही है।












