श्रावस्ती में उप्र उद्योग व्यापार संगठन ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में एकजुट होकर प्रदर्शन किया। संगठन के आह्वान पर व्यापारियों ने विकास भवन से कलेक्ट्रेट परिसर तक पैदल मार्च किया और महिला आरक्षण बिल के समर्थन में नारे लगाए। इस दौरान विरोध करने वाले विपक्षी दलों के प्रति नाराजगी भी व्यक्त की गई। प्रदर्शन के बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी श्रावस्ती को राज्यपाल के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले कानून का स्वागत किया गया। इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया गया। बड़ी संख्या में व्यापारियों ने भाग लिया संगठन के जिलाध्यक्ष सुभाष सत्या ने कहा कि सशक्त नारी से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। उन्होंने जोर दिया कि महिला सशक्तिकरण किसी एक वर्ग का नहीं, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र के विकास का आधार है। सत्या ने केंद्र और राज्य सरकार से नारी शक्ति वंदन अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की। संगठन ने समाज के सभी वर्गों से नारी सशक्तिकरण अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। इसका उद्देश्य महिलाओं को सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। इसी दौरान जिलाध्यक्ष सुभाष सत्या ने कसौधन समाज की समस्या भी साझा की। उन्होंने बताया कि कसौधन समाज से संबंधित होने के बावजूद कई लोगों का जाति प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है। उन्होंने इस विषय में शीर्ष अधिकारियों को सूचित कर दिया है और उचित सुनवाई की उम्मीद जताई। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में व्यापारियों ने भाग लिया। सभी ने एक स्वर में महिला आरक्षण के समर्थन में अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
श्रावस्ती में व्यापारियों का नारी शक्ति वंदन अधिनियम को समर्थन:राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने की मांग
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