हकीमपुरवा स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय में आंगनवाड़ी सहायिकाओं को सरकारी मोबाइल वितरण के दौरान कर्मचारियों पर घूस मांगने का आरोप लगा है। सहायिकाओं का कहना है कि उनसे प्रति मोबाइल 500 रुपए की मांग की जा रही थी। यह घटना सोमवार दोपहर करीब 2 बजे सीडीपीओ कार्यालय में हुई, जब शासन द्वारा दिए गए मोबाइल बांटे जा रहे थे। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में सहायिकाएं मौजूद थीं। कुछ सहायिकाओं ने पैसे देकर मोबाइल लेने से इनकार कर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद मोबाइल बांट रहे कर्मचारियों ने पैसे लेना बंद कर दिया। बाद में कुछ सहायिकाओं को उनके पैसे वापस भी लौटा दिए गए। सहायिकाओं ने बताया कि घूसखोरी की शिकायत करने पर उन्हें अपने सेंटर की जांच कराए जाने की धमकी दी जाती है। कार्यालय के बाहर मौजूद दो व्यक्तियों ने भी कर्मचारियों द्वारा पैसे लेने की बात कही। एक अन्य सहायिका ने बताया कि जब उसने पैसे देने से इनकार किया, तो उसे बिना पैसे लिए ही मोबाइल दे दिया गया। सहायिकाओं के अनुसार, बाल विकास परियोजना कार्यालय में घूसखोरी आम बात हो गई है। कार्यालय के दो कमरों में से एक में सीडीपीओ बैठते हैं, जबकि दूसरे कमरे में कथित तौर पर घूसखोरी चलती रहती है। हालांकि, सीडीपीओ इन आरोपों से इनकार करते हैं। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति का दावा करती है। इस संबंध में बाल विकास परियोजना अधिकारी शिवम सैनी से संपर्क किया गया तो उन्होंने आरोपों को बेबुनियाद बताया।
आंगनवाड़ी सहायिकाओं से मोबाइल वितरण में घूस मांगी गई:हकीमपुरवा कार्यालय में 500 रुपए की मांग, सीडीपीओ ने आरोपों को नकारा
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