जोधपुर। एनडीपीएस न्यायालय जोधपुर के विशिष्ट न्यायाधीश मधुसूदन मिश्रा ने 12 साल पुराने अवैध मादक पदार्थ अफीम रखने और खरीद फरोख्त की राशि के मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपित को दो वर्षों का कठोर कारावास और बीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
राजस्थान सरकार की ओर से पैरवी के लिए नियुक्त गोविन्द जोशी विशिष्ट लोक अभियोजक एनडीपीएस जोधपुर ने बताया कि 01 जून 2014 को पुलिस थाना चौपासनी हाऊसिंग बोर्ड के तत्कालीन थानाधिकारी अमित सिहाग ने रमेश बेनीवाल से उसके मकान नंबर 77 बालाजी नगर, रूप रजत रोड, जोधपुर के घर में पलंग की प्लाई के नीचे छुपाकर रखी 100 ग्राम अवैध अफीम और अफीम के खरीद फरोख्त के 12.03 लाख रुपए बरामद कर आरोपित को गिरफ्तार किया।
आरोपित डारो की ढाणी, डोली कल्ला, कल्याणपुर के सरकारी विद्यालय में अध्यापक लगा हुआ था। उसने दौराने पूछताछ अपने ताऊ के लडक़े भागीरथ बेनीवाल पुत्र जोगाराम निवासी गोदावास कल्याणपुर बालोतरा से 12 किलो अफीम खरीदकर आगे लोगों को अफीम बेचकर 12 लाख की राशि इकट्ठा कर बताया।
भागीरथ भी बागजी बाबल की ढाणी, डोली कल्ला, कल्याणपुर के सरकारी विद्यालय में अध्यापक लगा हुआ था। बाद अनुसंधान पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ न्यायालय में एनडीपीएस एक्ट के तहत चार्जशीट प्रस्तुत की।
गोविन्द जोशी विशिष्ट लोक अभियोजक एनडीपीएस जोधपुर ने न्यायालय से वर्तमान में अवैध मादक पदार्थों के मामलों में उत्तरोतर वृद्धि होने, अवैध मादक पदार्थों के अपराध गंभीर किस्म की प्रकृति के अपराध होने और अभियुक्तों के सरकारी विद्यालय में अध्यापक होने और उसका समाज में प्रतिकूल प्रभाव पडऩे की वजह से आरोपितों को कठोरतम सजा देने की मांग की जबकि आरोपितों ने नरमी बरतने का आग्रह किया।
विशिष्ट न्यायालय एनडीपीएस जोधपुर के विशिष्ट न्यायाधीश मधुसूदन मिश्रा ने सोमवार को अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत कुल 11 गवाह, 34 दस्तावेजी साक्ष्य और 3 आर्टिकल के आधार पर अभियुक्त रमेशचंद्र बेनीवाल पुत्र बाबूलाल निवासी गांव गोदावास, कल्याणपुर, बालोतरा को दोषी ठहराते हुए अवैध मादक पदार्थ अफीम रखने और उसकी खरीद फरोख्त करने के आरोप में 02 वर्ष की कठोर सजा व बीस हजार रुपये के जुर्माने की कठोर सजा सुनाई तथा सह अभियुक्त भागीरथ बेनीवाल को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।












