गाज़ियाबाद। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने प्रदेश में हाल ही में आई भीषण आंधी-तूफान की घटनाओं और लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने अपने ट्वीट के माध्यम से प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए सरकार से राहत और पुनर्वास के प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
मायावती ने कहा कि जिन परिवारों ने इस आपदा में अपने परिजन, घर या रोज़गार खोए हैं, उन्हें केवल राहत राशि की घोषणा से नहीं बल्कि वास्तविक आर्थिक और सामाजिक सहारे की आवश्यकता है, ताकि वे दोबारा अपने जीवन को व्यवस्थित कर सकें।
महंगाई ने आमजन की कमर तोड़ी
बसपा सुप्रीमो ने पेट्रोल-डीजल और आवश्यक वस्तुओं की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महंगाई का सबसे अधिक असर गरीब, मजदूर, किसान और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा प्रभाव परिवहन, खेती, खाद्यान्न और दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर पड़ता है, जिससे आम आदमी का घरेलू बजट पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। मायावती ने सरकार से मांग की कि जनता को राहत देने के लिए महंगाई नियंत्रण पर गंभीरता से काम किया जाए और जनहित में व्यावहारिक फैसले लिए जाएं।
जनता की पीड़ा को राजनीतिक मुद्दा नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी बताया
राजनीतिक जानकारों के अनुसार मायावती का यह बयान केवल सरकार की नीतियों की आलोचना नहीं, बल्कि खुद को आमजन की आवाज़ के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास भी माना जा रहा है। उनका संदेश सामाजिक संवेदनशीलता, राहत और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देता दिखाई देता है।
बसपा जिलाध्यक्ष मनोज कुमार जाटव बोले -‘बहुजन समाज पार्टी हमेशा जनता के साथ रही है’ इस मुद्दे पर गाज़ियाबाद बसपा जिलाध्यक्ष मनोज कुमार जाटव ने कहा कि आज देश का गरीब, किसान, मजदूर और मध्यम वर्ग दोहरी मार झेल रहा है। एक तरफ प्राकृतिक आपदाएं लोगों का जीवन उजाड़ रही हैं और दूसरी तरफ बेलगाम महंगाई ने आम आदमी का जीना मुश्किल कर दिया है।
उन्होंने कहा कि बहुजन समाज पार्टी हमेशा समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की आवाज़ बनकर खड़ी रही है। सरकार को चाहिए कि आंधी-तूफान से प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता, आवास और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराए तथा पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर नियंत्रण कर जनता को राहत देने का काम करे।
जनहित और संवेदनशील राजनीति का संदेश
मायावती का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देशभर में महंगाई और प्राकृतिक आपदाओं को लेकर आमजन के बीच चिंता लगातार बढ़ रही है। ऐसे में उनका यह संदेश राहत, सहानुभूति और जनसरोकार की राजनीति को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।












