श्रावस्ती के इकौना में आशा-आशा संगिनी संगठन ने सोमवार को अपनी अलग-अलग मांगों को लेकर मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को संबोधित एक ज्ञापन विधायक रामफेरन पांडेय को सौंपा। संगठन ने विधायक से इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने का अनुरोध किया है। आशा संगठन की जिलाध्यक्ष उमा मिश्रा ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं से प्रतिदिन 8 से 12 घंटे कार्य कराया जा रहा है, लेकिन उन्हें समय पर पूरा भुगतान नहीं मिल रहा है। इससे आशा एवं संगिनी बहनें आर्थिक संकट का सामना कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले स्तर पर अधिकारी बजट का अभाव बताकर भुगतान टाल रहे हैं, जिससे कार्यकर्ताओं में भारी रोष है। मिश्रा ने कहा कि वर्ष 2006 की प्रोत्साहन राशि व्यवस्था पर वर्ष 2026 में परिवार का भरण-पोषण संभव नहीं है। उन्होंने सम्मानजनक मासिक वेतन लागू करने की मांग की। ज्ञापन में प्रोत्साहन राशि की व्यवस्था समाप्त कर आशा बहनों को न्यूनतम ₹18 हजार और आशा संगिनी को ₹24 हजार मासिक वेतन देने की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त, संगठन ने समस्त बकाया भुगतान शीघ्र कराने, संगिनी बहनों को स्कूटी और सभी आशा बहनों को स्मार्टफोन उपलब्ध कराने की भी मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 31 मई 2026 तक बकाया भुगतान और मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 1 जून 2026 को एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। समाधान न होने पर कार्य बहिष्कार की भी बात कही गई है। इस अवसर पर आशा श्यामा देवी, किरन चौधरी, सुमन सिंह, सरिता देवी, प्रभावती आशा चौधरी, मंशा देवी, सावित्री देवी सहित सैकड़ों की संख्या में आशा और संगिनी कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
आशा संगिनी संगठन ने मानदेय-बकाया भुगतान की मांग की:श्रावस्ती में सीएम के नाम विधायक रामफेरन पांडेय को सौंपा ज्ञापन
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