बहराइच की नैना को लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में आयोजित किंग्स ट्रस्ट समारोह में अमल क्लूनी महिला सशक्तिकरण पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रदान किया गया। यह पुरस्कार किंग्स ट्रस्ट इंटरनेशनल द्वारा प्रदान किया गया। 23 वर्षीय नैना विकास खंड रिसिया के ग्राम पटेल नगर की निवासी हैं। इस पुरस्कार को किंग्स ट्रस्ट की वैश्विक राजदूत शार्लाेट टिलबरी एमबीई ने प्रायोजित किया था। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने नैना को इस सम्मान के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह जनपद के लिए गौरव की बात है और नैना को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलने से बहराइच जैसे आकांक्षात्मक जनपद में महिला सशक्तिकरण को बल मिलेगा। डीएम ने विश्वास व्यक्त किया कि जिले की महिलाएं नैना और आरती से प्रेरणा लेकर स्वावलंबन की राह चुनेंगी और नई इबारत लिखने का संकल्प लेंगी। किंग्स ट्रस्ट इंटरनेशनल की स्थापना वेल्स के पूर्व राजकुमार राजा चार्ल्स तृतीय ने की थी। यह संस्था रोजगार, शिक्षा और उद्यम कार्यक्रमों के माध्यम से दुनिया भर के युवाओं का समर्थन करती है। अपनी स्थापना के दस वर्षों में, किंग्स ट्रस्ट इंटरनेशनल ने वैश्विक स्तर पर 130,000 से अधिक युवाओं की सहायता की है।समारोह में अमल और जॉर्ज क्लूनी, शार्लाेट टिलबरी, जूल्स हॉलैंड, सर रॉड स्टीवर्ट, रॉनी वुड और रीटा ओरा सहित कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित थीं। इस अवसर पर नैना को राजा चार्ल्स तृतीय और महारानी एलिजाबेथ द्वितीय से भी भेंट करने का अवसर मिला। मात्र 23 वर्ष की आयु में नैना लड़कियों और महिलाओं के अधिकारों की सशक्त समर्थक बन चुकी हैं। उन्होंने अपने जीवन के अनुभवों से प्रेरणा लेते हुए हर वर्ष सैकड़ों युवा लड़कियों को प्रेरित और सशक्त बनाया है। नैना ने अपनी शिक्षा जारी रखने के लिए अनेक कठिनाइयों का सामना किया है। आगा खान फाउंडेशन द्वारा किंग्स ट्रस्ट इंटरनेशनल के सहयोग से संचालित प्रोजेक्ट लहर ने सहारा देकर नैना को दोबारा स्कूल में नामांकन कराने में सहायता की। नैना ने अपनी शिक्षा यात्रा के महत्वपूर्ण चरणों में छात्रवृत्तियाँ प्राप्त कीं। स्कूल के अंतिम वर्षों में उन्हें राज्य मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना के तहत सहायता मिली, जिसके बाद स्नातक शिक्षा के लिए भारत सरकार की प्रधानमंत्री द्वारा आरंभ की गई योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति प्राप्त हुई। छात्रवृत्ति के सहयोग के साथ-साथ नैना ने खेतों में मजदूरी की और अपने गाँव के छोटे बच्चों को ट्यूशन भी पढ़ाया। आज नैना अन्य युवा लड़कियों को जीवन कौशल प्रशिक्षक और कोच के रूप में सहयोग प्रदान करती हैं। किशोरियों और उनके परिवारों के साथ अपने कार्य के माध्यम से नैना सोच में बदलाव लाने, बाल विवाह रोकने और लड़कियों को शिक्षा तथा आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित करने का कार्य कर रही हैं। पुरस्कार जीतने पर नैना ने कहा कि जीवन के संघर्षों से ही उन्हें ऊर्जा मिली। अपने जीवन और समाज में समारात्मक बदलाव लाने का प्रयास कर रही सभी युवतियों को नैना ने यह पुरस्कार समर्पित करते हुए कहा कि कभी निराश न हों और जीवन में मिले अवसरों का सदुपयोग करते हुए अपनी सफलता की कहानी खुद लिखें।
बहराइच की नैना को अमल क्लूनी पुरस्कार मिला:लंदन में राजा चार्ल्स तृतीय और महारानी एलिजाबेथ से भी मिलीं
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