ग्राम सभा उदवापुर और केदारपुरवा में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के द्वितीय दिवस पर व्यास गिरजा शंकर महाराज ने धुंधकारी और गोकर्ण की कथा का श्रवण कराया। महाराज ने बताया कि गोकर्ण एक महान भक्त था, जबकि उसका भाई धुंधकारी एक पापी स्वभाव का व्यक्ति था। पंडित जी ने कथा के माध्यम से बताया कि श्रीमद् भागवत कथा सुनने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। कथा के अनुसार, गोकर्ण का जन्म गाय से हुआ था, जबकि धुंधकारी अपनी मौसी के गर्भ से पैदा हुआ था। कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
उदवापुर-केदारपुरवा में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन:द्वितीय दिवस पर व्यास जी ने धुंधकारी-गोकर्ण प्रसंग सुनाया
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