लखनऊ। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा विश्व तंबाकू निषेध सप्ताह के अवसर पर एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम एवं “गपशप” आयोजित किया गया। कार्यक्रम की थीम “ अपील का पर्दाफाश,निकोटीन और तंबाकू की लत का मुकाबला ” थी। कार्यक्रम में विशेष रूप से युवाओं में बढ़ती तंबाकू और निकोटीन की लत तथा इसके स्वास्थ्य और समाज पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों पर चर्चा की गई। आईएमए की सचिव डॉ. श्वेता श्रीवास्तव ने तंबाकू सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य खतरों, जैसे कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारियों और अन्य सामाजिक दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की जिम्मेदारी केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि रोगों की रोकथाम, परामर्श और जन-जागरूकता भी उसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने सभी सदस्यों और समाज से तंबाकू एवं निकोटीन उत्पादों के विरुद्ध जागरूकता को मजबूत करने की अपील की। इस अवसर पर संदेश “ स्वास्थ्य चुनें, तंबाकू नहीं। जीवन चुनें। ” साझा किया गया।
चिकित्सकों की जिम्मेदारी केवल उपचार तक सीमित नहीं :डॉ. श्वेता
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