सिद्धार्थनगर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले एक सप्ताह से बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। उपभोक्ताओं को लगातार लो वोल्टेज और अघोषित बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उमस भरी गर्मी में भारी परेशानी हो रही है। दिन के समय बिजली का वोल्टेज इतना कम रहता है कि पंखे, कूलर, वाशिंग मशीन और फ्रिज जैसे उपकरण ठीक से काम नहीं कर पा रहे हैं। वहीं, रात में प्रतिदिन तीन से चार घंटे की अघोषित कटौती की जा रही है, जिससे लोगों की नींद हराम हो गई है। ढेबरुआ विद्युत उपकेंद्र से इन क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति की जाती है। उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें अपनी जरूरत के अनुसार बिजली नहीं मिल रही है। लो वोल्टेज की समस्या इतनी गंभीर है कि बिजली के उपकरण भी ठीक से नहीं चल पा रहे हैं। क्षेत्र के सन्नी सिंह, नियाज अहमद, रोहित कुमार और सूरज कुमार जैसे उपभोक्ताओं ने बताया कि उमस भरी गर्मी में बिजली कटौती और लो वोल्टेज एक बड़ी समस्या बन गई है। स्थानीय फाल्ट के कारण भी रात में कई बार बिजली आपूर्ति बाधित होती है, जिससे लोग मजबूरन छतों पर सोने को मजबूर हैं और मच्छरों से परेशान रहते हैं। इस संबंध में ढेबरुआ पावर हाउस के जेई सत्येंद्र कुमार ने बताया कि स्थानीय स्तर पर कोई कटौती नहीं की जा रही है। उनके अनुसार, 133 केवी सब-स्टेशन से रोस्टिंग का शेड्यूल जारी किया जा रहा है, जिसका पालन किया जा रहा है।
सिद्धार्थनगर के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित:एक सप्ताह से लो वोल्टेज और अघोषित कटौती से लोग परेशान
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