लखनऊ। गोमती बायो-डायवर्सिटी पार्क में लखनऊ का पहला ‘जीन बैंक’ बनेगा। इस विशेष लैब का निर्माण एवं संचालन एमिटी विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों की देखरेख में किया जाएगा। इसके लिए एलडीए ने एमिटी विश्वविद्यालय के साथ करार किया है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने मंगलवार को एम0ओ0यू0 दस्तावेज पर साइन करके जीन बैंक के निर्माण को हरी झंडी दे दी है।
एलडीए के सचिव विवेक श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता मानवेन्द्र सिंह, एमिटी विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ0 अनिल वशिष्ठ, प्रोफेसर डॉ0 शालिनी सिंह विसेन, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ0 कोमल पाण्डेय एवं डॉ0 बृजेश खाण्डेलवाल समेत अन्य सदस्य उपस्थित रहे। एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि प्राधिकरण ने सहारा ग्रुप को लीज पर दी गयी ग्रीन बेल्ट की 75 एकड़ जमीन वापस ली है। जिसमें से प्रथम चरण में 25 एकड़ क्षेत्रफल में 14 करोड़ रूपये की लागत से बायो-डायवर्सिटी पार्क विकसित किया जा रहा है।
पार्क में तेजी से काम चल रहा है और सिविल कार्य लगभग पूर्ण होने वाला है। उन्होंने बताया कि पार्क में लगभग 02 एकड़ क्षेत्रफल में ‘जीन बैंक’ निर्मित किया जाएगा। जिसके लिए एमिटी विश्वविद्यालय के साथ एम0ओ0यू0 साइन किया गया है। वीसी ने बताया कि दुर्लभ पौधों एवं बीजों की विभिन्न प्रजातियां, जो वर्तमान में विलुप्त होने की कगार पर हैं। उन्हें इस विशेष लैब के माध्यम से संरक्षित करते हुए पार्क में रोपित किया जाएगा। इसमें विशेष तौर पर औषधीय पौधों के संरक्षण को बल दिया जाएगा, जोकि मानव जीवन के लिए अनमोल हैं। यह परियोजना भावी पीढ़ी के लिए कृषि जैव विविधता और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
गोमती बायो-डायवर्सिटी पार्क में बनने वाले इस जीन बैंक के माध्यम से विद्यार्थियों को जैव विविधता के बारे में प्रशिक्षित किया जा सकेगा। जिसके लिए एमिटी विश्वविद्यालय के सहयोग से लैब में फील्ड बायोलॉजिस्ट व अन्य विशेषज्ञों की तैनाती की जाएगी। पार्क में घूमने आने वाले छात्र-छात्राओं को पौधों, पक्षियों, जीव-जंतुओं एवं कीट-पतंगों आदि की जानकारी देते हुए जैव विविधता से रूबरू कराया जाएगा। जिससे यह पार्क ईको-टूरिज्म के साथ ही शैक्षिक दृष्टि से भी अहम साबित होगा।












