श्रावस्ती में पुलिस ने नाबालिग से दुष्कर्म और अपहरण के मामले में वांछित मुख्य आरोपी और उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई घटना के लगभग एक महीने बाद की गई। दोनों आरोपियों को भिनगा न्यायालय में पेश किया गया है। यह मामला बीते 24 अप्रैल को हरदत्तनगर गिरंट थाना क्षेत्र में दर्ज किया गया था। दरअसल इसी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के परिजनों ने पुलिस को तहरीर दी थी और बताया था कि उनकी नाबालिग बेटी कोआरोपी भगा ले गया जिसके आधार पर केस पंजीकृत किया गया। विवेचना के दौरान यह सामने आया कि आरोपी अताउर्रहमान पुत्र शमशुद्दोहा, निवासी तिवारीगांव ने नाबालिग पीड़िता को शादी का झांसा देकर पहले बहलाया-फुसलाया। इसके बाद वह उसे भगा ले गया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61(2), 64(1), 351(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 5L/6 बढ़ाई गई थी। पुलिस टीम ने अताउर्रहमान को बेगमपुर तिराहा के पास से गिरफ्तार किया। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि मंसूर पुत्र राहत अली, निवासी ललकगाँव दाखिला तिवारीगांव (26) ने नाबालिग को भगाने में मुख्य आरोपी का सक्रिय रूप से सहयोग किया था। इस पर मंसूर के खिलाफ बीएनएस की धारा 61(2), 65(1), 69 और पॉक्सो एक्ट की धारा 5L/6 के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस ने मंसूर को खान चौराहा के आगे तालाब के पास से गिरफ्तार किया। थाना हरदत्तनगर गिरंट के प्रभारी निरीक्षक महिमानाथ उपाध्याय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह गिरफ्तारी की। पुलिस प्रशासन ने दोहराया है कि नाबालिगों से जुड़े अपराधों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
श्रावस्ती में नाबालिग से दुष्कर्म का मामला:मुख्य आरोपी और सहयोगी गिरफ्तार, पुलिस ने महीने भर बाद दोनों को पकड़ा
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