*एएनएम सेंटर कायाकल्प और सीसी रोड निर्माण में वित्तीय अनियमितता उजागर।*
*शिकायत पर हुई जांच में खुली भ्रष्टाचार की पोल, जिलाधिकारी को भेजी गई रिपोर्ट।*
रिपोर्ट:व्यूरो कार्यालय
महराजगंज (ब्यूरो)। विकास खंड सिसवा के अंतर्गत ग्राम पंचायत सेमरी में सरकारी धन के बंदरबांट का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर एक ही कार्य का दो-दो बार भुगतान (डबल पेमेंट) कराकर लाखों रुपये की वित्तीय अनियमितता को अंजाम दिया गया है। शिकायतकर्ता की शिकायत पर हुई उच्चस्तरीय जांच के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) श्रेया मिश्र ने कड़ा रुख अपनाते हुए ग्राम प्रधान अमीन अली और संबंधित फर्मों को नोटिस जारी कर रिकवरी के आदेश दिए हैं।
विभाग द्वारा जारी पत्रांक ७०१/ पंचायत/शिकायत / 2026-27 के अनुसार, सेमरी ग्राम पंचायत में कुल ₹4,54,220 के सरकारी धन के दुरुपयोग और वित्तीय हेराफेरी की पुष्टि हुई है। डीपीआरओ ने ग्राम प्रधान को निर्देशित किया है कि दुरुपयोगित धनराशि का आधा भाग यानी ₹2,27,110 तत्काल ग्राम पंचायत सेमरी के ‘ग्रामनिधि प्रथम’ खाते में जमा कराकर चालान प्रति जिला कार्यालय में उपलब्ध कराएं।
*एक ही कार्य पर दो बार उठा लिया बजट।*
जांच रिपोर्ट के अनुसार, ग्राम पंचायत सेमरी में ए.एन.एम. सेंटर के कायाकल्प के लिए ₹4,90,000 का प्राक्कलन तैयार किया गया था। इसके सापेक्ष अवर अभियंता (जेई) की रिपोर्ट पर मेसर्स अनुराग इण्टरप्राइजेज को ₹4,28,306 का भुगतान किया गया। पत्रावली की जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि इसी कार्य के लिए इसी फर्म को पूर्व में भी बाउचर संख्या FFC/2022-23/P/10 के माध्यम से ₹2,80,000 का भुगतान किया जा चुका था, जो सीधे तौर पर वित्तीय गबन की श्रेणी में आता है।
*कागजों पर बदली सड़क की दिशा, फर्मों पर भी कसा शिकंजा।*
इसी प्रकार, वित्तीय वर्ष 2023-24 में रमेशर के खेत से सलामत के घर तक सी.सी. रोड व नाली निर्माण के लिए ₹3,26,000 का बजट स्वीकृत था। धरातल पर सड़क रमेशर के घर के बजाय नसीर के घर से बना दी गई, लेकिन भुगतान रमेशर के नाम पर उठाया गया। इस कार्य के लिए मेसर्स श्रेया एसोसिएट्स को ₹2,07,229 का भुगतान किया गया, जबकि इसी कार्य पर पहले ही दो अलग-अलग बाउचरों के जरिए कुल ₹1,74,220 का अतिरिक्त भुगतान करा लिया गया था।
*अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी।*
इस बड़े खुलासे के बाद हड़कंप मच गया है। डीपीआरओ श्रेया मिश्र ने इस पूरी कार्रवाई की रिपोर्ट जिलाधिकारी महराजगंज और मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित कर दी है। इसके साथ ही खंड विकास अधिकारी सिसवा और सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को निर्देशित किया गया है कि वे आदेश की प्रति संबंधित पक्षों को प्राप्त कराकर रिकवरी सुनिश्चित कराएं। मेसर्स अनुराग इण्टरप्राइजेज एवं मेसर्स श्रेया एसोसिएट्स को भी दुरुपयोगित धनराशि ग्रामनिधि खाते में वापस जमा करने की सख्त हिदायत दी गई है।












