श्रावस्ती। हिन्दी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर तहसील भिनगा में पत्रकार गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री/जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्रा व विशिष्ट अतिथि विधायक भिनगा श्रीमती इंद्राणी वर्मा, उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल संगठन अध्यक्ष सुभाष सत्या एवं जिला पंचायत सदस्य अशोक यादव रहे। मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथियों ने कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित व मां सरस्वती जी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। पत्रकारों ने अतिथियों का माल्यार्पण कर व राम दरबार, भगवान बुद्ध का चित्र व अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया।
मुख्य अतिथि ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पत्रकारिता कोई व्यवसाय नही है बल्कि एक समाज सेवा का पुण्य का कार्य है। उन्होंने कहा कि कार्यपालिका, विधायका व न्याय पालिका के बाद पत्रकारिता ही राष्ट्र का मजबूत स्तंभ है इस लिए लोग इसे लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मानते है। सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों को जो हम गरीब पिछड़े, वंचित, दलित तक नही पहुँचा पाते वह कार्य पत्रकार पूरा करता है। उन्होंने कोरोना काल का जिक्र करते हुए कहा कि जब पूरा देश लॉक डाउन से जूझ रहा था उस समय निडरता के साथ पत्रकार अपने घरों से निकलकर अपनी जिम्मेदारियां बखूबी निभा रहा था। साथ ही उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के एक पोस्ट का जिक्र करते हुए कहा कि एक तरफ मासूम बच्ची पड़ी थी वहीं दूसरी तरफ एक गिद्ध उस मासूम बच्ची के मरने का इंतजार कर रहा था उन्होंने उस फोटो को ट्यूट करके वाह वाही लूटी परंतु उस व्यक्ति ने अपने मानवता धर्म का पालन नही किया। वही विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद भिनगा विधायक श्रीमती इंद्राणी वर्मा ने इस बात पर खेद प्रकट किया कि जहाँ सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण की बात करती है परंतु इस सभागार में एक भी महिला पत्रकार नजर नही आ रही है जबकि महिलाओं को भी बढ़ चढ़कर पत्रकारिता के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए। कार्यक्रम के शुभारंभ में कवियों ने अपनी रचना को पढ़कर लोगों को ताली बजाने पर मजबूर कर दिया। वहीं उत्त्तर प्रदेश व्यापार मंडल संगठन जिलाध्यक्ष सुभाष सत्या ने हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर सभी पत्रकारों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पत्रकार अपनी लेखनी को कमजोर न होने दें अगर शासन या प्रशासन के विरुद्ध कोई खबर प्रकाशित होती है तो उसको संज्ञान में लेकर अधिकारियों को उसकी कमी को दूर करना चाहिए। वही परियोजना निदेशक अश्वनी कुमार सोनकर ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में आकर मुझे ऐसा लगा कि मैं श्रावस्ती जिले में हूँ जहां ऐसे हुनर कवि व समाज को आइना दिखाने वाले पत्रकार है जिन्होंने ऐसे आयोजन कर समाज में एक संदेश देने का काम किया है जिससे श्रावस्ती जिला साक्षरता की ओर बढ़ेगा। उन्होंने भगवान बुद्ध का उदाहरण देते हुए कहा की जिन्होंने 14 वर्ष यहां तपस्या कर लोगों को ज्ञान दिया परंतु शिक्षा के क्षेत्र में आज भी श्रावस्ती काफी पिछड़ा हुआ है। उन्होंने अपील की कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आप सभी पत्रकार जन जन तक पहुंचाए उन्होंने कहा कि जिले में अभी भी बहुत ऐसे गरीब, असहाय परिवार है जिनके सर पर छत नही है उन्हें प्रशासन की जानकारी में लाने का काम करे जिससे उन गरीब परिवार तक सरकार की योजनाएं पहुंच सके। इस अवसर पर कार्यक्रम में आये हुए कवियों के द्वारा पढ़ी गई साहित्य को सराहा साथ ही उन्हें मंच देने के लिए उनका आवाहन किया और उन्हें माल्यर्पण कर शुभकामनाएं दी। तत्पश्चात कार्यक्रम में मौजूद पत्रकारों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। वही परियोजना निदेशक ने वरिष्ठ कवि जीपी मिश्र मधुकर व कार्यक्रम में मौजूद कवि तथा समस्त पत्रकारों का माल्यार्पण कर व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। श्रवण कुमार सायक
(मंच संचालन) महेश मिश्रा मानव आदर्श त्रिपाठी
प्रीतम श्रावस्ती इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार राधेश्याम तिवारी, राजीव टंडन, मदन मोहन सिंह, शिव नंदन गुप्ता, बृजेश गुप्ता, मुकेश गुप्ता व बाबू राम पाठक, नन्द कुमार गुप्ता,प्रवीण कुमार मिश्रा मोहित गुप्ता, प्रदीप त्रिपाठी, संदीप त्रिपाठी शिव शंकर तिवारी तिवारी, ओंकार वर्मा सहित सैकड़ों की संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।












