HomeHealth & Fitnessराज्यसभा की बिसात पर भाजपा-कांग्रेस का नया गणित, 12 और 4 सीटों...

राज्यसभा की बिसात पर भाजपा-कांग्रेस का नया गणित, 12 और 4 सीटों पर होगा फैसला

  • संख्या बल के आधार पर कई राज्यों में रोचक मुकाबले के आसार
  • झारखंड-कर्नाटक में बेहतर स्थिति से कांग्रेस को उम्मीद

नई दिल्ली। राज्यसभा की 26 सीटों पर होने वाले चुनाव और उपचुनाव ने राष्ट्रीय राजनीति का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। संख्या के लिहाज से यह चुनाव भले ही सीमित दिखाई दे, लेकिन इसके राजनीति संदेश दूरगामी हो सकते हैं। उच्च सदन में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की स्थिति मजबूत बनी रहने के बावजूद कांग्रेस और विपक्षी दल इस चुनाव को अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ाने के अवसर के रूप में देख रहे हैं। यही वजह है कि राज्यों में उम्मीदवार चयन से लेकर राजनीतिक रणनीति तक सभी गतिविधियां तेज हो गई हैं।

चुनाव आयोग ने 18 जून को राज्यसभा की 24 सीटों पर चुनाव कराने की घोषणा की है। इसके अलावा महाराष्ट्र और तमिलनाडु की एक-एक रिक्त सीट पर उपचुनाव भी होगा। इस तरह कुल 26 सीटों के लिए मतदान कराया जाएगा। इन सीटों पर होने वाले मुकाबले से राज्यसभा का गणित पूरी तरह नहीं बदलेगा, लेकिन कुछ दलों की ताकत में सीमित वृद्धि या कमी जरूर दिखाई दे सकती है।

इस चुनाव की विशेषता यह है कि कई बड़े नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन समेत कई प्रमुख चेहरे दोबारा चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। ऐसे में यह चुनाव केवल सीटों का नहीं बल्कि राजनीतिक संदेश और नेतृत्व की प्रतिष्ठा का भी बन गया है।

राज्यों की बात करें तो कर्नाटक, गुजरात और आंध्र प्रदेश में चार-चार सीटों पर चुनाव होगा। राजस्थान और मध्य प्रदेश से तीन-तीन सदस्य चुने जाएंगे, जबकि झारखंड में दो सीटों पर मतदान होना है। मेघालय, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम से एक-एक सदस्य राज्यसभा पहुंचेंगे। विधानसभा में दलों की मौजूदा ताकत को देखते हुए अधिकांश सीटों के परिणाम पहले से लगभग तय माने जा रहे हैं।

वर्तमान स्थिति में जिन 26 सीटों पर चुनाव या उपचुनाव होना है, उनमें 18 सीटें एनडीए के पास हैं। इनमें भाजपा की अकेले 12 सीटें शामिल हैं। कांग्रेस के चार सदस्य सेवानिवृत्त हो रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का आकलन है कि भाजपा अधिकांश सीटें बचाने में सफल रहेगी, लेकिन कुछ राज्यों में उसे एक-दो सीटों का नुकसान उठाना पड़ सकता है। वहीं कांग्रेस को कर्नाटक और झारखंड जैसे राज्यों में लाभ मिलने की संभावना दिखाई दे रही है।

झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन का संख्या बल दोनों सीटें जीतने के लिए पर्याप्त माना जा रहा है। कर्नाटक में भी कांग्रेस की स्थिति मजबूत है। इन परिस्थितियों में कांग्रेस अपनी वर्तमान संख्या से एक-दो सीट आगे निकल सकती है। हालांकि इससे राज्यसभा में सत्ता संतुलन पर कोई बड़ा प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है, क्योंकि एनडीए अब भी स्पष्ट बढ़त बनाए रखेगा। चुनाव परिणाम यह तय करेंगे कि आने वाले महीनों में संसद के भीतर किस दल का मनोबल कितना ऊंचा रहेगा। इसलिए राज्यसभा की यह बिसात केवल 26 सीटों की लड़ाई नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के नए गणित का महत्वपूर्ण अध्याय भी साबित हो सकती है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments