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शोहरतगढ़ विधायक का पीडब्ल्यूडी पर हमला:सिद्धार्थनगर में बोले- जानकारी छिपा रहे अधिकारी, नहीं सुधरे तो जनता के बीच होगा खुलासा


शोहरतगढ़ से अपना दल (एस) के विधायक विनय वर्मा ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों पर विकास कार्यों में लापरवाही बरतने और महत्वपूर्ण जानकारी छिपाने का आरोप लगाया है। विधायक ने इस संबंध में मुख्य अभियंता, बस्ती मंडल को एक पत्र भेजकर सड़क परियोजनाओं की समीक्षा करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।विधायक वर्मा ने बताया कि उनके प्रयासों से विधानसभा क्षेत्र में कई सड़क परियोजनाओं के लिए करोड़ों रुपये की धनराशि स्वीकृत और जारी की गई थी। हालांकि, जमीनी स्तर पर अधिकांश परियोजनाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है। कई सड़क निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हुए हैं, जबकि कई योजनाएं वर्षों से अधूरी पड़ी हैं। अपने पत्र में विधायक ने अधिशासी अभियंता कमल किशोर का विशेष रूप से उल्लेख किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2022 से लगातार परियोजनाओं की प्रगति, स्वीकृत धनराशि, टेंडर प्रक्रिया और निर्माण कार्यों से संबंधित जानकारी मांगी जा रही है, लेकिन अपेक्षित विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है। विधायक के अनुसार, विभागीय स्तर पर पारदर्शिता का अभाव है और जनप्रतिनिधियों को भी योजनाओं की वास्तविक स्थिति से अवगत नहीं कराया जा रहा है। विधायक ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कई परियोजनाओं का कोई स्पष्ट हिसाब जनता के सामने नहीं है। उन्होंने बताया कि कहीं भूमिपूजन के बाद काम बंद हो गया है तो कहीं निर्माण कार्य शुरू ही नहीं हुआ है। इससे स्वीकृत धनराशि और परियोजनाओं की प्रगति के वास्तविक रिकॉर्ड पर सवाल उठ रहे हैं। विनय वर्मा ने मुख्य अभियंता से सभी सड़क परियोजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट, धनराशि का ब्यौरा, टेंडर की स्थिति, अधूरे कार्यों के कारण और जिम्मेदार अधिकारियों की सूची उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि विभागीय अधिकारी भ्रष्टाचार, लापरवाही और जवाबदेही से बचने की अपनी प्रवृत्ति नहीं छोड़ेंगे, तो उन्हें जनता के सामने बेनकाब किया जाएगा।विधायक वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के बावजूद यदि अधिकारी विकास कार्यों में बाधा डाल रहे हैं या जानकारी छिपा रहे हैं, तो यह एक गंभीर मामला है।

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