बिजनौर। जनपद के गली-मोहल्लों में इन दिनों बड़ी संख्या में जिम, फिटनेस सेंटर और योगशालाएं तेजी से संचालित हो रही हैं। फिटनेस के प्रति बढ़ते रुझान के बीच जहां युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है, वहीं दूसरी ओर इन केंद्रों की वैधानिकता, सुरक्षा व्यवस्थाओं और प्रशासनिक निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। कई स्थानों पर बिना आवश्यक मानकों और सुरक्षा इंतजामों के फिटनेस सेंटर खुलेआम संचालित होने की चर्चाएं हैं, जिससे लोगों की सुरक्षा पर चिंता बढ़ रही है।
जानकारी के अनुसार अनेक जिम संचालक फिटनेस और योग के नाम पर लोगों से भारी शुल्क वसूल रहे हैं, लेकिन सुविधाओं और सुरक्षा मानकों की स्थिति संतोषजनक नहीं बताई जा रही। कई केंद्रों में प्रशिक्षित ट्रेनरों की कमी, उपकरणों की नियमित जांच का अभाव और बुनियादी सुरक्षा इंतजामों की अनदेखी सामने आ रही है।
विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। कई फिटनेस सेंटरों में महिलाओं के लिए अलग व्यवस्था, महिला ट्रेनर, सुरक्षित चेंजिंग रूम और आवश्यक गोपनीयता संबंधी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने की बात कही जा रही है। ऐसे में महिलाओं और उनके परिजनों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
सूत्रों के मुताबिक जिला क्रीड़ा विभाग के नियमों के अनुसार किसी भी जिम या फिटनेस सेंटर के संचालन से पूर्व उसका विधिवत पंजीकरण कराना आवश्यक माना जाता है। इसके लिए संचालक को पहचान पत्र, स्थान संबंधी प्रमाण, अग्निशमन विभाग का प्रमाण पत्र, सुरक्षा से जुड़े दस्तावेज तथा अन्य आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने होते हैं। साथ ही निर्धारित वार्षिक शुल्क जमा करने की प्रक्रिया भी बताई जाती है। इसके बावजूद शहर में कई ऐसे फिटनेस सेंटरों के संचालन की चर्चा है, जिनके पंजीकरण और मानकों के पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
सबसे गंभीर पहलू अग्निशमन और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्थाओं का माना जा रहा है। कई स्थानों पर जिम छोटे और बंद भवनों में संचालित हैं, जहां आग लगने या अन्य आपात स्थिति से निपटने के पर्याप्त साधन नहीं दिखाई देते। जबकि प्रतिदिन बड़ी संख्या में युवा, छात्र और महिलाएं इन केंद्रों में पहुंचते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित निरीक्षण और प्रभावी निगरानी के अभाव में कई संचालकों के हौसले बढ़े हुए हैं। उनका मानना है कि यदि समय-समय पर जांच और सत्यापन की व्यवस्था हो तो अनियमितताओं पर अंकुश लगाया जा सकता है।
शहरवासियों ने जिला प्रशासन और क्रीड़ा विभाग से मांग की है कि जनपद में संचालित जिम, फिटनेस सेंटर और योगशालाओं का व्यापक सर्वे एवं जांच अभियान चलाया जाए तथा नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि फिटनेस के नाम पर लोगों की सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ न हो और नागरिक सुरक्षित वातावरण में स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकें।
- यदि विभागीय जांच होती है तो कई फिटनेस सेंटरों की वास्तविक स्थिति सामने आने की संभावना जताई जा रही है।












