नई दिल्ली। AI इंसान के काबू से बाहर जा सकता है। ऐसा कहना है दिग्गज AI कंपनी एंथ्रोपिक का। इसके चलते एंथ्रोपिक ने वैश्विक स्तर पर AI सिस्टम के विकास को रोकने की अपील की है। एंथ्रोपिक का कहना है कि नए AI मॉडल ऐसे संकेत दे रहे हैं कि वे इंसान के काबू से बाहर जा सकते हैं। गौरतलब है कि सैन फ्रांसिस्को स्थित एंथ्रोपिक अपने जबरदस्त AI मॉडल Claude की वजह से काफी पॉपुलर है। एंथ्रोपिक ने सबसे शक्तिशाली AI सिस्टम के विकास को तुरंत रोकने को कहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी का कहना है कि AI की रफ्तार इतनी तेज है कि सामाजिक व्यवस्था और सुरक्षा रिसर्च इसके साथ तालमेल नहीं बिठा पा रहे हैं। एंथ्रोपिक की मांग को लेकर उद्योग जगत और सरकार की तरफ से अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।
क्यों डर गई एंथ्रोपिक?
एंथ्रोपिक को अपने इंटरनल डेटा से पता चला है कि अब AI खुद को विकसित करने की रफ्तारको बढ़ा रहा है। इससे एक लूप बना रहा है जो AI को खुद से खुद को समझदार बनाने की ओर ले जा सकता है। ऐसे में AI खुद को अपने आप बेहतर बनाना सीख जाएगा।
रिपोरट्स के मुताबिक भले अभी यह स्थिति दूर है लेकिन AI के विकास में हर बढ़ते कदम के साथ इंसानों की भूमिका लगातार सीमित होती जा रही है, जो भविष्य के लिए खतरनाक हो सकती है।(REF.)
कैसे लगाई जाए रोक?
एंथ्रोपिक का कहना है कि वैश्विक स्तर पर AI के विकास को रोकना काफी मुश्किल है। कंपनी इसकी तुलना परमाणु हथियारों से करती है, जिन्हें रोकने के लिए कई तरह की संधियां दुनियाभर में की गईं है लेकिन AI को रोकना इससे भी ज्यादा मुश्किल है।
दरअसल परमाणु कार्यक्रम को भले किसी देश के लिए छिपाना आसान न हो लेकिन AI की ट्रेनिंग को किसी भी कंप्यूटर सर्वर के पीछे आसानी से छिपाया जा सकता है। इसे रोकने का एक ही तरीका है कि अमेरिका और चीन जैसी शक्तियां और दुनिया की प्रमुख कंपनियां एक साथ मिलकर कड़े और पारदर्शी नियम पर सहमत हों।
एंथ्रोपिक का हो रहा विरोध
एंथ्रोपिक की मांग को सिलिकॉन वैली में भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार इस पर अधिकारियों और टेक दिग्गजों का कहना है कि AI के विकास को धीमा करने का मतलब है कि इससे चीन को सदी की सबसे बड़ी तकनीकी रेस में बढ़त मिल जाएगी। हालांकि दूसरी तरफ खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीजिंग यात्रा के दौरान चीन के साथ एआई सुरक्षा पर सहयोग करने की बात कही है।
इसके अलाव ट्रंप ने कार्यकारी आदेश भी दिया है जिसके तहत AI मॉडल्स को रिलीज करने से पहले सरकार से 30 दिन तक रिव्यू करवाना होगा।












