इकौना तहसील अंतर्गत बसभारिया गांव के ग्रामीण इन दिनों नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। गांव के मुख्य संपर्क मार्ग पर गंभीर जलभराव की समस्या बनी हुई है। नाली और जल निकासी की कोई उचित व्यवस्था न होने के कारण सड़क पर लगातार पानी जमा रहता है। आलम यह है कि हल्की सी बारिश होते ही यह पूरी सड़क तालाब का रूप ले लेती है। पानी के बीच सड़क पर गहरे गड्ढे बन चुके हैं, जो जलभराव के कारण दिखाई नहीं देते। इसके चलते आए दिन बाइक और साइकिल सवार इसमें फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। बुजुर्ग और महिलाएं घरों में कैद होने को मजबूर इस जलभराव का सबसे बुरा असर स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। बच्चों को घुटनों तक भरे गंदे पानी से गुजरकर स्कूल जाना पड़ रहा है, जिससे हमेशा किसी हादसे का डर बना रहता है। वहीं, बुजुर्गों और अस्वस्थ लोगों का इलाज के लिए बाहर निकलना भी दूभर हो गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि लंबे समय से वे इस बदहाली को झेल रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। संक्रामक बीमारियों का बढ़ा खतरा सड़क पर हफ्तों तक गंदा पानी जमा रहने के कारण अब गांव में मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ गया है। ग्रामीणों को डर है कि इस दूषित पानी और मच्छरों के कारण गांव में मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी संक्रामक बीमारियां महामारी का रूप ले सकती हैं। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जल निकासी के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और सड़क की मरम्मत कराई जाए, ताकि उन्हें इस रोज-रोज की मुसीबत से परमानेंट निजात मिल सके।
बसभारिया में मुख्य सड़क पर जलभराव:ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी, बीमारियों का खतरा
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