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2 साल बाद हुई मीटिंग में तय हुए 5 मुद्दे, आगे क्या करने वाला है INDIA गठबंधन?

विपक्षी इंडिया गठबंधन के सहयोगी पार्टियों की सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में बैठक हुई। बैठक में बीजेपी से चुनावों में मुकाबला करने और एकजुट होकर आगे बढ़ने की रणनीति पर चर्चा हुई। इस बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, वर्तमान अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) समेत 23 दलों के प्रमुख नेताओं ने हिस्सा लिया।

बैठक में इंडिया गठबंधन ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी और सीबीएसई परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) के मुद्दों को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की। इसमें तय किया गया है कि ‘वोट लूट’ के विषय को लेकर वे जल्द ही प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत को पत्र लिखेंगे। विपक्षी गठबंधन ने यह भी कहा कि सरकार को गंभीर आर्थिक स्थिति, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, किसानों तथा जनसरोकारों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए।

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हर दो महीने में होगी बैठक

बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ‘यह तय हुआ कि सभी पार्टियां हर दो महीने में मिलेंगी और बैठक करेंगी। मानसून सत्र के दौरान संसदीय समन्वय जारी रहेगा और हर दिन सुबह नेता प्रतिपक्ष (मल्लिकार्जुन खरगे) के कार्यालय में समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी।’

पांच बिंदुओं पर जताई सहमति

खरगे ने जानकारी देते हुए कहा, ‘इंडिया गठबंधन ने पांच बिंदुओं पर सहमति जताई है। यह सहमति बनी कि वोट लूट, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), वोटर लिस्ट में हेरफेर और चुनावों की निष्पक्षता पर उठे गंभीर सवालों के संबंध में भारत के मुख्य न्यायाधीश को एक पत्र भेजा जाएगा। यह पत्र जल्द ही उन्हें सौंपा जाएगा।’ उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों को प्रभावित करने वाले अनेक गंभीर मुद्दों की स्थिति को देखते हुए, सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया कि शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की जाए, क्योंकि उनके कार्यकाल में नीट और सीबीएसई परीक्षाओं में शामिल लाखों युवाओं के साथ विश्वासघात हुआ है।

एकजुट होकर आगे बढ़ने की रणनीति पर चर्चा

इंडिया गठबंधन में शामिल दलों की बैठक में बीजेपी से मुकाबला करने और एकजुट होकर आगे बढ़ने की रणनीति पर चर्चा की गई। हैठक में शिवसेना (UBT) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से जुड़े थे। बैठक में नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता महबूबा मुफ्ती, झारखंड मुक्ति मोर्चा के सरफराज अहमद, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के जॉन ब्रिटास, भाकपा महासचिव डी. राजा, भाकपा (माले) लिबरेशन के दीपांकर भट्टाचार्य और कई अन्य दलों के नेताओं ने भाग लिया।

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डीएमके और आम आदमी पार्टी की दूरी

डीएमके और आम आदमी पार्टी बैठक में शामिल नहीं हुईं। ‘आप’ पहले ही सार्वजनिक रूप से इस गठबंधन से दूरी बना चुकी है जबकि डीएमके ने तमिलनाडु में कांग्रेस द्वारा उससे संबंध तोड़कर टीवीके-नीत सरकार में शामिल होने के बाद बैठक का बहिष्कार करने का फैसला करने की घोषणा की थी।

बैठक में तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के शामिल नहीं होने से जुड़े सवाल पर कांग्रेस सूत्रों ने कहा, ‘टीवीके इस बैठक में शामिल नहीं हुई क्योंकि केवल उन पार्टियों को आमंत्रित किया गया था, जिनके संसद में सदस्य हैं।’ 2024 से पहले इंडिया गठबंधन में शामिल होने वाली कुछ पार्टियां आज की बैठक में शामिल रहीं, भले ही उनके पास वर्तमान में सांसद नहीं हैं। दरअसल, इंडिया गठबंधन विस्तार के रास्ते पर है, जल्द ही इसमें और पार्टियां इसमें शामिल होंगी।’


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