नई दिल्ली। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के बलिदान दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके संघर्ष और बलिदान को देश की अमूल्य विरासत बताया। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए विदेशी हुकूमत के खिलाफ अदम्य साहस के साथ संघर्ष किया।
उनका संपूर्ण जीवन जनजातीय समाज के स्वाभिमान, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित रहा। पीएम मोदी ने कहा कि मातृभूमि के लिए उनके सर्वोच्च त्याग की गाथा देश की हर पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति की भावना का संचार करती रहेगी।
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भी भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें साहस, आत्मसम्मान और न्याय के प्रतीक के रूप में याद किया। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा के ऐतिहासिक ‘उलगुलान’ आंदोलन ने आदिवासी समाज में अपने अधिकारों और पहचान की रक्षा के लिए नई चेतना जगाई। उपराष्ट्रपति ने बताया कि उन्हें झारखंड के राज्यपाल और बाद में उपराष्ट्रपति बनने के बाद बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातू जाकर श्रद्धांजलि देने का सौभाग्य मिला। उन्होंने विश्वास जताया कि भगवान बिरसा मुंडा के आदर्श सामाजिक न्याय, समावेशी विकास और जनजातीय सशक्तिकरण की दिशा में देश का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि जनजातीय अस्मिता, स्वाभिमान और स्वतंत्रता के प्रतीक बिरसा मुंडा ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष कर देश के स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी।
उनका जीवन अन्याय के विरुद्ध संघर्ष, संस्कृति की रक्षा और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने की प्रेरणा देता है। देशभर में बलिदान दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से भगवान बिरसा मुंडा के योगदान को याद किया गया।
बिरसा मुंडा की गाथा राष्ट्रभक्ति देश की हर पीढ़ी में भावना जगाती: मोदी
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