बुधवार को ईरान ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान को पूरी तरह गलत और बेबुनियाद बताया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि ईरान ने सीजफायर (युद्धविराम) की मांग की है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ट्रंप का यह दावा झूठा है। उन्होंने रॉयटर्स न्यूज एजेंसी को बताया कि ईरान ने कभी भी सीजफायर की कोई मांग नहीं की। यह खबर ईरानी राज्य टीवी के हवाले से आई है। ईरान ने कहा कि अप्रैल फूल के दिन भी ट्रंप ने सभी जोक्स को पीछे छोड़ दिया है। ईरान ने कहा कि पेजेश्कियन ही राष्ट्रपति हैं ऐसे में ट्रंप नए राष्ट्रपति की बात कर रहे हैं।
इससे पहले आज ट्रंप ने अपनी ट्रुथ सोसल ऐप पर पोस्ट किया था कि ‘ईरान के नए रिजीम प्रेसिडेंट’ ने उनसे सीजफायर की अपील की है। हालांकि, ईरान में अभी भी वही पुराना राष्ट्रपति है, कोई नया नहीं आया है। ट्रंप ने आगे लिखा कि जब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) पूरी तरह खुला नहीं जाता और आने-जाने का रास्ता क्लियर नहीं हो जाता तब तक सीजफायर पर विचार नहीं किया जाएगा। उन्होंने धमकी देते हुए कहा, ‘तब तक हम ईरान को तबाह कर देंगे या कहें स्टोन एज में भेज देंगे!’
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ईरान बोला- कोई डेडलाइन नहीं
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने मंगलवार देर रात अल जजीरा को दिए इंटरव्यू में साफ कहा था कि ईरान लड़ाई जारी रखने को तैयार है। उन्होंने कहा, ‘ईरान के लोगों से धमकी और समयसीमा की भाषा में बात नहीं की जा सकती। हम अपनी रक्षा के लिए कोई डेडलाइन नहीं रखते।’
कहा- ईरान परमाणु हथियार बनाने में सक्षम नहीं
ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका ईरान से ‘जल्दी बाहर’ निकल जाएगा वहीं दूसरी ओर, ट्रंप ने रॉयटर्स को बताया कि अमेरिका ईरान के खिलाफ अपना युद्ध जल्दी खत्म कर देगा। उन्होंने कहा, ‘मैं आपको ठीक-ठीक समय नहीं बता सकता… हम काफी जल्दी बाहर निकल जाएंगे।’
ट्रंप का कहना है कि ईरान अब परमाणु हथियार बनाने में सक्षम नहीं है। उन्होंने कहा, ‘वह अब परमाणु हथियार नहीं बना सकते क्योंकि वे इसकी क्षमता खो चुके हैं। फिर मैं सबको लेकर चला जाऊंगा। अगर जरूरत पड़ी तो हम वापस आकर ‘स्पॉट हिट्स’ (चुनिंदा हमले) कर देंगे।’
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2-3 हफ्तों में युद्ध खत्म करने की बात कही
ट्रंप ने मंगलवार को यह भी संकेत दिया कि बिना किसी समझौते के भी 2-3 हफ्तों में यह संघर्ष खत्म हो सकता है। इसके अलावा, ट्रंप ने नाटो (NATO) पर भी लगातार हमले जारी रखे। उन्होंने कहा कि वह अमेरिका को नाटो से बाहर निकालने पर ‘पूरी तरह’ विचार कर रहे हैं।











