गोरखपुर: गीडा थाना क्षेत्र के खानिमपुर गांव में दो माह से लापता बुजुर्ग नासीर का कंकाल बुधवार को गांव के पोखरी में झाड़ियों के बीच मिला है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।
घटना का विवरण
खानिमपुर निवासी अमर सिंह के घर 40 वर्ष पहले एक युवक पहुंचा था। परिवार ने उसे भोजन कराया, जिसके बाद उसने अपना नाम नासीर बताया और तभी से वह उनके घर पर रहकर घरेलू कामकाज करने लगा। फरवरी माह में नासीर अचानक लापता हो गया। अमर सिंह ने 15 फरवरी को गीडा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
बुधवार को गांव के कुछ लड़के अमर सिंह के घर के पीछे स्थित पोखरी के किनारे बेर तोड़ने गए। इसी दौरान उनकी नजर झाड़ियों के बीच पड़े एक कंकाल पर पड़ी। बच्चों के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान नासीर के रूप में की। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कंकाल को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस की जांच
गीडा थाना प्रभारी निरीक्षक अश्वनी पांडेय ने बताया कि नर कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण और परिस्थितियां स्पष्ट होंगी। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है कि नासीर की मौत प्राकृतिक थी या किसी अन्य कारण से हुई।
परिवार की स्थिति
नासीर पिछले 40 वर्षों से अमर सिंह के परिवार के साथ रह रहा था। परिवार का कहना है कि वह बहुत शांत स्वभाव का था और घर के सारे छोटे-मोटे काम करता था। उसके अचानक लापता होने के बाद परिवार काफी परेशान था। अब कंकाल मिलने से परिवार सदमे में है।
यह घटना गोरखपुर के खोराबार क्षेत्र में एक लंबे समय से लापता व्यक्ति के शव के मिलने का मामला है, जिससे स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।












