देवरिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को देवरिया के बराव में अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में हुई गिरफ्तारियों पर पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई शुरू कर दी गई है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि “दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेंगे। जनआस्था के साथ खिलवाड़ स्वीकार्य नहीं है और किसी को भी छूट नहीं दी जाएगी।
देवरिया में 456.38 करोड़ रुपये की 106 विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अयोध्या और भगवान राम को लेकर राजनीति करने वालों को पहले अपने अतीत को याद करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या को बदनाम करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। यदि किसी के पास कोई प्रमाण है तो उसे एसआईटी को सौंपना चाहिए, लेकिन बिना तथ्यों के आरोप लगाने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि रामभक्तों की आस्था की बार-बार परीक्षा लेना उचित नहीं है और सरकार धार्मिक भावनाओं के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी।
उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि जिन लोगों ने वर्षों तक भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए और राम मंदिर आंदोलन का विरोध किया, वही आज आस्था की बात कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि “याद कीजिए, कांग्रेस ने देश को केवल लूटा ही नहीं बल्कि नोंचा भी था। भगवान राम का नाम लेने वालों पर गोलियां चलवाने वाले आज हमें आस्था का पाठ पढ़ा रहे हैं।मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि दिल्ली से आए एक नेता को अयोध्या का विकास देखकर आत्ममंथन करना चाहिए। यदि उन्होंने अपने कार्यकाल में दिल्ली के लिए भी इसी तरह काम किया होता तो राजधानी की तस्वीर अलग होती। उन्होंने कहा कि अयोध्या के विकास मॉडल से सीख लेने की जरूरत है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में नौकरियों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होता था और पूरा परिवार भर्ती प्रक्रिया में हस्तक्षेप करता था। उन्होंने कहा कि आज पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के कारण देवरिया सहित पूरे प्रदेश के युवाओं को बिना भेदभाव के सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। अगर डबल इंजन की सरकार नहीं होती तो कई योग्य युवाओं को नौकरी नहीं मिल पाती।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने हजारों करोड़ रुपये की संभावित वित्तीय अनियमितता को रोका। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में समाजवादी पार्टी सरकार ने 15,800 करोड़ रुपये की लागत से एक्सप्रेसवे का टेंडर जारी किया था, जबकि जमीन का अधिग्रहण भी पूरा नहीं हुआ था। सत्ता में आने के बाद उनकी सरकार ने पहले अधिग्रहण कराया, फिर दोबारा निविदा प्रक्रिया शुरू की। तीसरी बार प्रक्रिया को सरल बनाकर परियोजना लगभग 11,200 करोड़ रुपये में स्वीकृत कराई गई। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इससे करीब तीन हजार करोड़ रुपये की बचत हुई और संभावित गड़बड़ी रोकी गई।
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश माफियाओं और अपराधियों के कब्जे में था, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। मोहर्रम का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में शांति और सौहार्द का माहौल है तथा कोई भी उपद्रव करने की हिम्मत नहीं कर सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई कानून हाथ में लेने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पहले जानबूझकर बिजली कटौती की जाती थी ताकि अंधेरे में अपराध और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिले। अब प्रदेश में बिजली व्यवस्था बेहतर हुई है और गांवों तक नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इंसेफेलाइटिस जैसी गंभीर बीमारी पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया है। उन्होंने कहा कि अब बेटियां बेहतर सुविधाओं के साथ स्कूल जा रही हैं और सरकार गरीब परिवारों के बच्चों के लिए लगातार योजनाएं चला रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने बेहतर सड़क संपर्क, सिंचाई सुविधाओं और किसानों के लिए योजनाओं के माध्यम से कृषि को मजबूत किया है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में कृषि विकास की रफ्तार पहले की तुलना में काफी बढ़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। देवरिया, कुशीनगर, बलिया, मऊ और आजमगढ़ जैसे जिलों में तेजी से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। सभी विधायकों से क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुसार सड़क, पुल और अन्य विकास कार्यों के प्रस्ताव मांगे जाते हैं और बिना किसी भेदभाव के उन्हें स्वीकृति तथा धनराशि उपलब्ध कराई जाती है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने देवरिया जिले के लिए 456.38 करोड़ रुपये की लागत वाली 106 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है और उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाना है।












