पिछले साल पहलगाम हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर किया था। अब पहली बार ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले जवानों के नाम को सरकार ने सार्वजनिक किया है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान छह जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। इनमें से पांच भारतीय थल सेना और एक जवान भारतीय वायुसेना का था।
नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक और इसकी वेबसाइट पर ‘रोल ऑफ ऑनर’ अनुभाग में इन जवानों के नामों को प्रकाशित किया गया है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बलिदान देने वाले जवानों में मुख्यालय 10 इन्फैंट्री ब्रिगेड के सूबेदार मेजर पवन कुमार, 4 जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री के वीर चक्र विजेता राइफलमैन सुनील कुमार, 5 फील्ड रेजिमेंट के लांस नायक दिनेश कुमार, 851 लाइट रेजिमेंट के एविएशन टेक्नीशियन मुरलीनाइक, 237 फील्ड वर्कशॉप कंपनी के हवलदार सुनील कुमार सिंह और 39 विंग के वायु पदक विजेता सार्जेंट सुरेंद्र कुमार के नाम राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के 2025 खंड में 3डी दीवार पर लिखा गया।
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यह अहम इसलिए भी है, क्योंकि सरकार ने अभी तक आधिकारिक तौर पर ऑपरेशन के दौरान बलिदान देने वाले जवानों की पहचान उजागर नहीं की थी। बता दें कि राष्ट्रीय युद्ध स्मारक इंडिया गेट के पास बना है। 2019 में इसका उद्घाटन किया गया था। आजादी के बाद देश की सुरक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों के नाम यहां अंकित होते हैं।
भारत ने नौ आतंकी ठिकानों पर दागी थी मिसाइलें
पिछले साल 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकियों ने पर्यटकों की धर्म पूछकर हत्या की थी। एक नेपाली नागरिक समेत कुल 26 लोगों की जान गई थी। हमले के खिलाफ भारत ने पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर 7 मई की रात मिसाइलों से हमला किया था। 9 ठिकानों पर 100 से अधिक आतंकियों को मारा गया था।
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पाकिस्तान की गुहार पर हुआ था सीजफायर
पाकिस्तान सेना की जवाबी कार्रवाई के बाद संघर्ष काफी बढ़ गया। भारतीय वायुसेना ने 9 और 10 मई की रात पाकिस्तान के 11 से अधिक एयरबेस पर भीषण तबाही मचाई। महज 23 मिनट में पाकिस्तान के एयरस्पेस पर वर्चस्व हासिल कर लिया। 10 मई की दोपहर पाकिस्तान के अनुरोध पर भारत ने सीजफायर पर सहमति जताई थी।












