बदायूं। नगर पालिका बदायूं की ओर से मुहर्रम की 10वीं तारीख आशुरे के मौके पर कबूलपुरा स्थित कर्बला शरीफ में हर साल की तरह इस साल भी कैम्प लगाया गया। जिसमें पूर्वमंत्री आबिद रज़ा ने कर्बला शरीफ की ज्यारत करने आये ज्यारीनो से मुलाकात की और खुद रोजा रख कर लंगर भी तकसीम किया। बता दें कि पिछले 22 सालों से पूर्व मंत्री आबिद रज़ा मोहर्रम की 10 तारीख़ को कर्बला में कैम्प लगाते है और खुद रोजा रखकर लोगो को लंगर बाँटते है।
पूर्व मंत्री आबिद रज़ा ने हजरत इमाम हुसैन साहब की कुर्बानियों को याद करते हुए कहा कि मैदान ए कर्बला में जुल्म के खिलाफ हक और सच्चाई के लिए हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों द्वारा दी गई कुर्बानी अमर है। पूर्वमंत्री आबिद रज़ा ने खासतौर से मुस्लिम नौजवानों से अपील करते हुए कहा कि हज़रत इमाम हुसैन की शहादत नमाज पढ़ते वक्त हुई थी ऐसे हालात में भी हज़रत इमाम हुसैन ने नमाज को नही छोड़ा। इससे नमाज़ का मर्तवा पता चलता है। इसलिए मुस्लिम नौजवानों को किसी भी हालत में नमाज़ नही छोड़नी चाहिए। आज मुल्क में जो हालत है उसकी बड़ी वजह है ईमान से दूर हो जाना। मुसलमान अल्लाह से नही डर रहा है, सारे ज़माने ने डर रहा है। मुसलमान जिस दिन अल्ल्लाह से डरना शुरू कर देगा और नमाज,रोजा व अल्लाह की बताई हुई बातो पर चलना शुरू कर देगा। सच और हक के लिए खड़ा होना शुरू कर देगा। झूठ, धोखा, बेईमानी से दूरी बना लेगा तब उसे ज़माने में सिवाए अल्लाह के अलावा किसी और से डरने की ज़रुरत नही पड़ेगी। तभी मुसलमान को दुनिया में भी इज्जत मिलेगी और उनके हालातो में सुधार होंगे। उन्होंने यह भी पैग़ाम दिया कि हिंदुस्तान मे हिंदू मुसलमान सभी एक रहे आपस मे मोहब्बत से रहे तभी देश की तरक्की होगी इस अवसर पर सभासद अबरार, छोटा भाई, नवेद, मुशाहिद, भूरे पीर जी, पूर्व सभासद हारून, अफसर अली, अनीस सिद्दीकी, यूनुस अल्वी, बब्लू, कौसर अली, फईम, मिन्टू, पप्पन भाई समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।












