नई दिल्ली। गाजा में जारी संघर्ष को लेकर कांग्रेस ने शनिवार को केंद्र सरकार की विदेश नीति पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि गाजा में लगातार हो रहे हमलों पर पूरी दुनिया आवाज उठा रही है, लेकिन भारत सरकार की चुप्पी हैरान करने वाली है। उन्होंने इस विषय पर अपने लेख के माध्यम से सरकार के रुख पर सवाल उठाए।
सोनिया गांधी के लेख का समर्थन करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी मोदी सरकार की विदेश नीति की आलोचना की। खरगे ने कहा कि फलस्तीनी नागरिकों, विशेषकर बच्चों पर हो रहे हमलों के बीच भारत की चुप्पी न तो नैतिक रूप से उचित है और न ही राष्ट्रीय हितों के अनुरूप। उन्होंने कहा कि भारत को गाजा में इजरायली सैन्य कार्रवाई और पश्चिमी तट पर फलस्तीनियों के विस्थापन के मुद्दे पर उभर रहे वैश्विक जनमत के अनुरूप अपनी स्पष्ट राय रखनी चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा कि भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति की पारंपरिक पहचान से दूर होता जा रहा है। उनका कहना था कि दुनिया का बड़ा हिस्सा गाजा संकट पर इजरायल से दूरी बना रहा है, जबकि भारत का मौजूदा रुख उसे रणनीतिक रूप से अलग-थलग कर सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा का उल्लेख करते हुए इसे इतिहास में दर्ज होने वाला महत्वपूर्ण रणनीतिक निर्णय बताया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भारत की विदेश नीति हमेशा मानवीय मूल्यों, गुटनिरपेक्ष सोच और स्वतंत्र निर्णय क्षमता पर आधारित रही है। उनका आग्रह है कि सरकार इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए गाजा संकट पर स्पष्ट और संतुलित रुख अपनाए। विपक्ष ने यह भी कहा कि मानवीय संकट के बीच भारत को अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभाते हुए शांति, संवाद और नागरिकों की सुरक्षा के पक्ष में खुलकर आवाज उठानी चाहिए।
गाजा संघर्ष पर सरकार की चुप्पी, कांग्रेस ने विदेश नीति पर उठाए सवाल
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