टीएफआई (टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया) के आह्वान पर 4 अप्रैल को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल धरना-प्रदर्शन प्रस्तावित है। इस देशव्यापी आंदोलन को लेकर देशभर के शिक्षकों में उत्साह है। इसी कड़ी में, सिद्धार्थनगर जनपद से शिक्षकों का एक बड़ा समूह शुक्रवार को दिल्ली के लिए रवाना हुआ। यह समूह टीएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी के नेतृत्व में दिल्ली रवाना हुआ। इसमें जिले के विभिन्न ब्लॉकों से आए शिक्षक शामिल थे। दिल्ली जाने से पहले शिक्षकों ने एकजुटता का संदेश देते हुए कहा कि यह आंदोलन किसी एक जिले या राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश के शिक्षकों के अधिकारों से संबंधित है। आंदोलन का मुख्य उद्देश्य टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) से मुक्ति की मांग को सरकार तक पहुंचाना है। शिक्षकों का तर्क है कि वर्तमान व्यवस्था में टीईटी की अनिवार्यता उनके लिए कई समस्याएँ पैदा कर रही है, जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। टीएफआई के पदाधिकारियों के अनुसार, 4 अप्रैल को रामलीला मैदान में देश के विभिन्न राज्यों से हजारों शिक्षक एकत्रित होंगे। वे अपनी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाएंगे। पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि इस आंदोलन के माध्यम से सरकार शिक्षकों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करेगी। शिक्षकों के इस ‘दिल्ली कूच’ को लेकर जिले में चर्चा का माहौल है। अन्य शिक्षक संगठनों से भी समर्थन मिलने की संभावना है। अब सभी की निगाहें 4 अप्रैल को होने वाले इस बड़े आंदोलन पर टिकी हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था में संभावित बदलाव की उम्मीद की जा रही है।
सिद्धार्थनगर से दिल्ली के लिए शिक्षकों की रवानगी:टीईटी से मुक्ति के लिए 4 अप्रैल को रामलीला मैदान में होगा देशव्यापी आंदोलन
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!











