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साइबर ठगी के ₹50 हजार तक की धनराशि अब ऑनलाइन होगी रिलीज, थाने और कोर्ट के चक्कर से मिलेगी राहत

संतकबीरनगर। साइबर ठगी के शिकार लोगों के लिए राहत भरी खबर है। अब फ्रॉड करने वालों के खाते में होल्ड कराई गई 50 हजार रुपये तक की राशि वापस पाने के लिए न तो थाने में एफआईआर दर्ज कराने की जरूरत होगी और न ही कोर्ट से रिलीज आदेश लेने के लिए भागदौड़ करनी पड़ेगी। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) की ओर से शुरू किए गए मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल (एमआरएम) और ग्रिवांस रिड्रेसल मॉड्यूल (जीआरएम) पोर्टल के जरिए यह प्रक्रिया अब ऑनलाइन और सरल हो गई है।

₹10 के स्टाम्प घोषणा पत्र व अन्य दस्तावेज पर प्राप्त होगी रकम 

   साइबर क्राइम एक्सपर्ट एवं एसओ जय प्रकाश चौबे ने बताया कि एमआरएम पोर्टल के माध्यम से 50 हजार रुपये तक की होल्ड धनराशि वास्तविक लाभार्थी को वापस दिलाई जाएगी। इसके लिए आवेदक को केवल 10 रुपये के स्टांप पेपर पर घोषणा-पत्र, पैन कार्ड और बैंक खाते का विवरण ऑनलाइन उपलब्ध कराना होगा। निर्धारित विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद धनराशि सीधे खाते में वापस कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि देशभर में नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर प्रतिदिन नौ हजार से अधिक शिकायतें दर्ज हो रही हैं, जबकि संतकबीरनगर में रोजाना चार से पांच मामले सामने आते हैं। अब तक रकम वापस कराने के लिए पीड़ितों को थाने और अदालतों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती थी।

15 हजार से अधिक खाते हो चुके हैं होल्ड

-संदिग्ध लेन-देन के कारण वर्ष 2019 से अब तक जिले में 15 हजार से अधिक बैंक खाते होल्ड किए जा चुके हैं। इनमें व्यापारी, छात्र, किसान और नौकरीपेशा लोग भी प्रभावित हुए हैं। दूसरे राज्यों से खाते होल्ड होने पर उन्हें खुलवाना बड़ी चुनौती बन जाता था। इस समस्या के समाधान के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर आफ इंडिया ने जीआरएम पोर्टल भी शुरू किया है। इसके माध्यम से होल्ड खाते का धारक संबंधित बैंक के जरिए ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर सकता है। शिकायत का परीक्षण संबंधित पुलिस अधिकारी और बैंक द्वारा किया जाएगा तथा नियमानुसार खाते से होल्ड हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इससे खाताधारकों को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलने की उम्मीद है।

“साइबर फ्राड को रोकने और वास्तविक लाभार्थियों को राहत देने के लिए आईफोरसी की तरफ से एमआरएम पोर्टल और जीआरएम पोर्टल लांच हुआ है। जिसके जरिए संदिग्ध लेन-देन की वजह से गैर प्रांतों से बैंक खातों पर लगे होल्ड को खुलवाने और फ्राड खाते में होल्ड धनराशि को आसानी से वापस पाने में सहूलियत होगी। जिले में जून 2026 में एमआरएम पोर्टल पर दर्ज 38 शिकायतकर्ताओं के 03 लाख 20 हजार 888 रुपये वापस कराया जा चुका है। निश्चित ही यह दोनों पोर्टल कारगर साबित हो रहे हैं।”  -संदीप कुमार मीना एसपी।    


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