HomeHealth & Fitnessआत्मनिर्भर गाँव ही विकसित भारत की मजबूत नींव 

आत्मनिर्भर गाँव ही विकसित भारत की मजबूत नींव 

 

लखनऊ । विश्व ग्राम्य विकास दिवस के अवसर पर उप मुख्यमंत्री  केशव प्रसाद मौर्य  ने कहा कि ग्रामीण भारत का सर्वांगीण विकास ही विकसित भारत के निर्माण का सबसे सशक्त आधार है। आज का दिन ग्रामीण क्षेत्रों में समावेशी, संतुलित एवं सतत विकास के संकल्प को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है। जब गाँवों का विकास होगा, तभी समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचेगा। 
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि 2030 तक निर्धारित सतत विकास लक्ष्यों की सफलता तभी सुनिश्चित होगी, जब उनका प्रभाव जमीनी स्तर तक पहुँचे। ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता, रोजगार के अवसर, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण तथा आर्थिक उन्नति जैसे लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से लागू करना समय की आवश्यकता है। ग्रामीण समुदायों, विशेषकर महिलाओं, युवाओं एवं वंचित वर्गों का आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण ग्राम्य विकास की आधारशिला है।

  1. स्वयं सहायता समूहों, कौशल विकास कार्यक्रमों, स्वरोजगार योजनाओं तथा ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देकर लाखों परिवारों की आजीविका को सुदृढ़ बनाया जा सकता है। कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। किसानों को आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज, सिंचाई सुविधाएँ, कृषि यंत्रीकरण, वैज्ञानिक खेती तथा बेहतर विपणन व्यवस्था उपलब्ध कराकर कृषि को लाभकारी बनाया जा सकता है।  वर्तमान में वित्तीय एवं डिजिटल समावेशन अत्यंत महत्वपूर्ण है। आत्मनिर्भर एवं सशक्त गाँव जलवायु परिवर्तन जैसी प्राकृतिक चुनौतियों का अधिक प्रभावी ढंग से सामना करने में सक्षम होते हैं। 
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